लोकसभा में बदला दलगत समीकरण, छह सांसदों के शिंदे गुट में शामिल होने को मंजूरी, शिवसेना के सदस्य बढ़कर 13 हुए

 


नई दिल्ली, 18 जुलाई (हि.स.)। संसद के मानसून सत्र से ठीक पहले लोकसभा में दलगत समीकरण में महत्वपूर्ण बदलाव हुआ है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के छह सांसदों के एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने को स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस निर्णय के बाद लोकसभा में शिंदे गुट की सदस्य संख्या बढ़कर 13 हो गई है, जबकि उद्धव बालासाहेब ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना की संख्या घटकर तीन रह गई है।

लोकसभा सचिवालय की ओर से शनिवार को जारी सर्कुलर के अनुसार, इन छह सांसदों को सदन में शिंदे गुट के सदस्य के रूप में मान्यता दे दी गई है। इसके साथ ही सदन में दोनों शिवसेना गुटों की संसदीय स्थिति में औपचारिक बदलाव दर्ज हो गया है।

इसी सर्कुलर में ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर अलग गुट बनाने वाले 28 सांसदों में से 20 सदस्यों को लोकसभा में पृथक समूह के रूप में बैठने की अनुमति भी प्रदान की गई है। इससे सदन की बैठक व्यवस्था और संसदीय दलों की संरचना में भी बदलाव होगा।

उल्लेखनीय है कि संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होने जा रहा है। ऐसे समय में लोकसभा में दलों के बदले हुए संख्या बल को राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आगामी सत्र में सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयक सदन में पेश कर सकती है, जिनमें पिछले सत्र में लंबित रहे कुछ प्रस्ताव भी शामिल हो सकते हैं।

पिछले बजट सत्र के दौरान लोकसभा की सदस्य संख्या बढ़ाने और परिसीमन से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक सहित कुछ महत्वपूर्ण विधेयक आवश्यक बहुमत नहीं मिलने के कारण पारित नहीं हो सके थे। माना जा रहा है कि सरकार इन विधेयकों को संशोधित स्वरूप में पुनः सदन के समक्ष ला सकती है।

हाल ही में संपन्न राज्यसभा चुनावों के बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की स्थिति उच्च सदन में भी मजबूत हुई है और गठबंधन दो-तिहाई बहुमत के करीब पहुंच गया है। वहीं, सहयोगी दलों से मिले समर्थन की वजह से लोकसभा में सरकार की संख्या-बल भी पहले के मुकाबले मज़बूत हो गई है।--------------

हिन्दुस्थान समाचार / अनूप शर्मा