आतंकियों व अलगाववादियों के महिमामंडन वाली पुस्तक पर तत्काल रोक की मांग

 

जम्मू, 04 जुलाई (हि.स.)। जम्मू-कश्मीर विधानसभा में विपक्ष के नेता सुनील शर्मा ने शनिवार को सरकारी स्कूलों के पुस्तकालयों में वितरित एक विवादित पुस्तक पर तुरंत रोक लगाने की मांग की। उन्होंने शिक्षा विभाग पर राष्ट्र विरोधी सामग्री को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए संबंधित पुस्तक को मंजूरी दिए जाने और उसे वितरित करने की उच्चस्तरीय जांच की मांग की।

जम्मू में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए भाजपा नेता सुनील शर्मा ने आरोप लगाया कि पैराडाइज़ पब्लिशर्स द्वारा प्रकाशित किताब 'पर्सनैलिटीज़ एंड लेजेंड्स ऑफ़ जेएंडके' अलगाववादियों, आतंकवादियों और पत्थरबाज़ों का महिमामंडन कर भारत को नकारात्मक रूप में दर्शाती है। उन्होंने कहा कि इसे युवा मस्तिष्क को प्रभावित करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है जो युवाओं को शैक्षणिक भटकाव की तरफ ले जाएगा।

शर्मा ने आरोप लगाया कि सरकारी स्कूलों के पुस्तकालयों में भेजे जाने से पहले शिक्षा विभाग की तरफ से गठित समिति ने इस किताब को मंज़ूरी दी थी।उन्होंने कहा कि संबंधित पुस्तक पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जानी चाहिए। साथ ही इसे मंजूरी देने, प्रकाशित करने और वितरण के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उन्हें जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। उन्होंने शिक्षा मंत्री को तुरंत हटाने की मांग करते हुए कहा कि विभाग ने सरकारी स्कूलों में किताब को अनुमति देकर गंभीर चूक की है।

लेफ्टिनेंट गवर्नर के प्रशासन के दौरान लिए गए फैसलों का ज़िक्र करते हुए शर्मा ने कहा कि पहले भी ऐसी ही सामग्री वाली लगभग 25 किताबों को वापस ले लिया गया था या उन पर रोक लगा दी गई थी। उन्होंने सरकार से इस मामले में भी वैसा ही रुख अपनाने का आग्रह किया।

पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए शर्मा ने आरोप लगाया कि यह प्रकाशन आतंकवाद से जुड़े मामलों में दोषी या आरोपित व्यक्तियों को शहीद बताता है, जबकि सुरक्षाकर्मियों के बलिदान को नज़रअंदाज़ करता है। शर्मा ने जम्मू-कश्मीर सरकार और जांच एजेंसियों से आग्रह किया कि बिना देरी किए मामले की जांच करें और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई शुरू करें।

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हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह