’लोकतंत्र की हत्यारी कांग्रेस’ विषय पर 26 नवंबर को विचार गोष्ठी करेगी लोकतंत्र सेनानी संघ

 




- अश्विनी चौबे बोले- बूथ लूटने वाले कांग्रेसी खुद को बता रहे पाक-साफ

नई दिल्ली, 01 नवंबर (हि.स.)। लोकतंत्र सेनानी संघ आगामी 26 नवंबर को संविधान दिवस के अवसर पर ‘संविधान की हत्यारी : कांग्रेस’ विषय पर राजधानी में बड़े स्तर पर विचार गोष्ठी आयोजित करेगा। संघ के राष्ट्रीय सह संरक्षक एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने इस कार्यक्रम की जानकारी देते हुए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर चुनाव में वोट चोरी के आरोपों को लेकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो लोग खुद बूथों को लूटते थे और मतपेटियों पर कब्जा करते थे, वे आज दूसरों को चोर बता रहे हैं।

लोकतंत्र सेनानी संघ की दिल्ली प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में गोष्ठी आयोजित करने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया। इस राज्यस्तरीय कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी, केंद्र सरकार में सहयोगी दलों के शीर्ष नेताओं और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ अधिकारियों को आमंत्रित किया जाएगा। बैठक संघ के राष्ट्रीय सह संरक्षक एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे के नई दिल्ली में हुई। इसमें दिल्ली के लोकतंत्र सेनानियों को अन्य राज्यों की तर्ज पर समुचित मान-सम्मान, सुविधाएं और पेंशन देने की मांग पर भी चर्चा की गई। इस संबंध में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष, राष्ट्रीय संपर्क प्रमुख नागेंद्र और प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा के साथ हुई बैठकों और प्रगति की जानकारी कार्यकारिणी सदस्यों को दी गई।

बैठक में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ओपी बब्बर, दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष राजन ढींगरा और प्रदेश महामंत्री राज कुमार सपरा प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। इनके अलावा अशोक आहूजा, इंद्र तोमर, चमन लाल मोला, विजय कौशिक, हरीश असरी, डॉ अनिल और अशोक महाजन सहित अनेक लोकतंत्र सेनानी शामिल हुए।

अश्विनी चौबे ने कहा कि जिस दौर में चुनाव के दिन बूथों पर राजनीतिक कार्यकर्ताओं की हत्याएं होती थीं और मतपेटियां लूट ली जाती थीं, उस पृष्ठभूमि से आने वाले लोग आज वोट चोरी की बात कर रहे हैं। चोरी तो छोटी बात है, इन लोगों ने चुनावों में सीधी डकैती और लूटपाट की है।

उन्होंने सवाल किया कि यदि कांग्रेस नेताओं के आरोपों के मुताबिक चुनावों में बड़े पैमाने पर वोट चोरी हो रही है, तो उपचुनावों और जिन राज्यों में कांग्रेस की सरकारें बनी हैं, वहां पार्टी कैसे जीती। जहां विपक्ष जीत जाए, वहां सब ठीक और जहां जनता नकार दे, वहां वोट चोरी का आरोप लगाना जनता को गुमराह करने वाली राजनीति है। यह ‘चोर मचाए शोर’ वाली कहावत को चरितार्थ करता है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने बिहार का संदर्भ देते हुए कहा कि बिहार और पूरे देश ने कांग्रेस और राजद के शासनकाल में चुनावों के दौरान बूथ लूटे जाने का दौर देखा है। उन्होंने कहा कि आज की कांग्रेस न तो श्रीकृष्ण बाबू के विचारों वाली पार्टी है और न ही अनुग्रह बाबू के आदर्शों वाली। यह पार्टी अब एक परिवार तक सीमित होकर रह गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने दशकों तक देश के संसाधनों और व्यवस्था को नुकसान पहुंचाया है।

अश्विनी चौबे ने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी ख्याली पुलाव पका रहे हैं, लेकिन वे दोबारा सत्ता में नहीं आने वाले। उन्होंने कहा कि कांग्रेस चाहे जितनी रैलियां और यात्राएं कर ले, जनता उसके बहकावे में नहीं आने वाली। उन्होंने संविधान का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस ने 1975 में आपातकाल लगाकर लोकतंत्र का गला घोंटा था। कांग्रेस ने डॉ. भीमराव आंबेडकर को संसद में जाने से रोकने का काम किया था। लोकतंत्र सेनानी संघ 26 नवंबर की गोष्ठी में कांग्रेस के कथित दोहरे चरित्र और आपातकाल के दौरान किए गए कार्यों को जनता के सामने रखेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर