आईआईटी खड़गपुर और लीड्स विश्वविद्यालय के बीच शोध सहयोग हेतु महत्वपूर्ण समझौता
खड़गपुर, 25 जुलाई (हि.स.)। उच्च शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में वैश्विक सहयोग को नया आयाम देते हुए शनिवार को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) खड़गपुर और ब्रिटेन के लीड्स विश्वविद्यालय के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस दीर्घकालिक साझेदारी का उद्देश्य अनुसंधान, शिक्षा और नवाचार के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाना तथा वैश्विक चुनौतियों के समाधान के लिए संयुक्त प्रयास करना है।
समझौते के तहत दोनों संस्थान संयुक्त अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए एक साझा सीड फंड स्थापित करेंगे। इसके लिए दोनों संस्थान 50-50 हजार अमेरिकी डॉलर तक का समान योगदान देंगे। इस निधि से शोधकर्ता प्रारंभिक परियोजनाएं शुरू कर सकेंगे, नए विचारों का परीक्षण करेंगे और राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर की बड़ी अनुसंधान परियोजनाओं के लिए प्रस्ताव तैयार कर सकेंगे। लीड्स विश्वविद्यालय ने प्रारंभिक चरण के लिए अपना योगदान पहले ही उपलब्ध करा दिया है, जबकि आईआईटी खड़गपुर ने चालू वर्ष के लिए अपने योगदान की स्वीकृति दी है।
समझौते के अंतर्गत दोनों संस्थान स्नातक, स्नातकोत्तर और शोध स्तर की शिक्षा में संयुक्त पहल विकसित करने की दिशा में कार्य करेंगे। इससे विद्यार्थियों और शोधार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का शैक्षणिक अनुभव प्राप्त होगा तथा दोनों संस्थानों के बीच ज्ञान और अनुभव का आदान-प्रदान बढ़ेगा।
इसके साथ ही शिक्षक आदान-प्रदान, छात्र विनिमय और संयुक्त अनुसंधान कार्यक्रमों को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे भारत और ब्रिटेन के शिक्षकों तथा शोधकर्ताओं के बीच सहयोग और मजबूत होगा।
दोनों संस्थान उद्योग जगत के साथ सहयोग बढ़ाने, अनुसंधान के व्यावहारिक उपयोग, नवाचार और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने पर भी मिलकर कार्य करेंगे। इसके लिए सम्मेलन, कार्यशालाएं और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें शिक्षाविदों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और नीति निर्माताओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
आईआईटी खड़गपुर के अंतरराष्ट्रीय संबंध विभाग के अधिष्ठाता प्रोफेसर आनंदरूप भट्टाचार्य ने बताया कि वैश्विक साझेदारियां अनुसंधान उत्कृष्टता और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को नई दिशा देती हैं। उन्होंने कहा कि लीड्स विश्वविद्यालय के साथ यह सहयोग दोनों संस्थानों की विशेषज्ञता को एक मंच पर लाकर प्रभावी अनुसंधान, प्रतिभा विकास और नवाचार को बढ़ावा देगा।
लीड्स विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीयकरण निदेशक प्रोफेसर वासिलिस सरहोसिस ने कहा कि यह साझेदारी दोनों संस्थानों के लिए महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि दोनों संस्थानों की संयुक्त क्षमता वैश्विक स्तर के अनुसंधान को नई गति देगी और विद्यार्थियों तथा शोधकर्ताओं के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराएगी।
भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में बढ़ते सहयोग के बीच यह समझौता दोनों देशों के बीच ज्ञान, विशेषज्ञता और अनुसंधान साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता