आखिरकार अमेरिकी कंपनी से एलसीए मार्क-1ए के लिए शुरू हुई इंजन की आपूर्ति

 
आखिरकार अमेरिकी कंपनी से एलसीए मार्क-1ए के लिए शुरू हुई इंजन की आपूर्ति


- प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री की वाशिंगटन यात्रा के दौरान उठाया गया था देरी का मुद्दा

नई दिल्ली, 26 मार्च (हि.स.)। आखिरकार लंबे इंतजार के बाद अमेरिकी कंपनी जीई एयरोस्पेस ने भारत के स्वदेशी लड़ाकू जेट एलसीए मार्क-1ए के लिए हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) को इंजन की आपूर्ति शुरू कर दी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की हाल ही वाशिंगटन यात्रा के दौरान इंजन आपूर्ति में देरी का मुद्दा उठाया गया था। भारतीय वायु सेना के साथ फरवरी, 2021 में अनुबंध होने के बाद हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड को इसी साल मार्च से नए विमान की आपूर्ति होनी थी, लेकिन इसमें लगने वाले इंजन की अमेरिका से आपूर्ति में देरी की वजह से इंतजार लंबा हो गया।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हाल ही में अपनी वाशिंगटन यात्रा के दौरान तेजस एमके-1ए में लगने वाले जनरल इलेक्ट्रिक एफ-404 इंजन की आपूर्ति में देरी का मुद्दा उठाया था। अब जीई ​एयरोस्पेस ने ​एचएएल को 99 एफ-404 इंजनों में से पहले की डिलीवरी करने का ऐलान 25 मार्च को कर दिया है​। अमेरिकी कंपनी जीई एयरोस्पेस ने एक बयान में कहा है कि एफ-404 इंजनों की आपूर्ति अगली पीढ़ी के लड़ाकू विमानों का विकास करके भारत की सेना के लिए एक मजबूत भविष्य सुनिश्चित करने के हमारे प्रयासों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।

जीई एयरोस्पेस का कहना है कि भारत में सैन्य जेट प्रणोदन सहयोग का एक मजबूत इतिहास है।

एचएएल के साथ 40 साल के संबंधों और देश की रक्षा निर्माण क्षमताओं को बढ़ाते हुए 1980 के दशक में एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी के साथ सहयोग करने के बाद जीई एयरोस्पेस के एफ-404 इंजन को 2004 में सिंगल-इंजन तेजस के लिए चुना गया था। यह इंजन भारत के एकल इंजन वाले लड़ाकू विमान के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है​। जीई एयरोस्पेस और तेजस की टीमों ने इसे भारतीय वायु सेना की जरूरतों के अनुरूप बनाने के लिए कई वर्षों तक मिलकर काम किया। एफ-404 के साथ 2008 में अपने पहले परीक्षण उड़ान में विमान कई मिशन ऊंचाइयों पर चढ़ा और मैक 1.1 की गति हासिल की। ​​2016 तक जीई एयरोस्पेस ने एचएएल के प्रति अपनी प्रतिबद्धता पूरी की और एलसीए तेजस के लिए 65 इंजन वितरित किए।

जीई एयरोस्पेस के​ बयान में बताया गया कि एचएएल ने 2021 में तेजस​ मार्क-1​ए के लिए अतिरिक्त 99 इंजनों का ऑर्डर दिया, तो हमारी टीम ने ​पांच वर्षों से निष्क्रिय​ इंजन उत्पादन लाइन को फिर से शुरू किया​।​ जेट इंजन उत्पादन लाइन को फिर से शुरू करना चुनौतीपूर्ण प्रक्रिया ​थी​, क्योंकि कोरोना महामारी के दौरान ​सारी व्यवस्था ध्वस्त हो गई थी। आज ​कंपनी इंजनों का उत्पादन बढ़ाने के लिए अपने आपूर्तिकर्ताओं के साथ मिलकर काम कर ​रही है।​ कंपनी का कहना है कि इस सप्ताह पहले इंजन की डिलीवरी इस बात का प्रमाण है कि हमने पिछले 40 वर्षों में एचएएल के साथ मिलकर क्या हासिल किया है तथा यह भारत की सेना के लिए एक मजबूत भविष्य सुनिश्चित करने की हमारी संयुक्त क्षमता का प्रतीक है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनीत निगम