श्रीनगर के बडगाम में BLW सेंट जॉन एम्बुलेंस ब्रिगेड के दीर्घकालीन प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ, प्राथमिक उपचार से आपदा राहत तक की दी जा रही ट्रेनिंग
श्रीनगर/वाराणसी। जम्मू-कश्मीर की खूबसूरत वादियों के बीच श्रीनगर जनपद के बडगाम में बीएलडब्ल्यू सेंट जॉन एम्बुलेंस ब्रिगेड के ग्रीष्मकालीन दीर्घकालीन प्रशिक्षण शिविर का भव्य एवं उत्साहपूर्ण शुभारंभ हुआ। मानव सेवा, प्राथमिक उपचार, आपदा प्रबंधन और अनुशासन की भावना को मजबूत बनाने के उद्देश्य से आयोजित इस शिविर की शुरुआत परेड निरीक्षण, सलामी और औपचारिक उद्घोषणा के साथ की गई। शिविर में प्रतिभागियों को आपातकालीन परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कोर कमांडर एवं उप मुख्य सामग्री प्रबंधक, इंपोर्ट डीज़ल अभिषेक पाण्डेय ने परेड का निरीक्षण कर प्रतिभागियों की अनुशासनप्रियता और सेवा भावना की सराहना की। उन्होंने शिविर के औपचारिक शुभारंभ की घोषणा करते हुए कहा कि सेंट जॉन एम्बुलेंस ब्रिगेड केवल प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण देने वाला संगठन नहीं है, बल्कि यह मानवता, सामाजिक उत्तरदायित्व और आपदा के समय सेवा भावना को मजबूत करने का एक प्रभावी माध्यम भी है। उन्होंने प्रतिभागियों से समाज सेवा के लिए सदैव तत्पर रहने का आह्वान किया।
शिविर के दौरान परेड का कमांड एम्बुलेंस अधिकारी एच. एन. सिंह ने संभाला। कार्यक्रम में सहायक कार्मिक अधिकारी एवं सचिव, सेंट जॉन एम्बुलेंस ब्रिगेड तथा जन संपर्क अधिकारी एवं एम्बुलेंस अधिकारी राजेश कुमार की विशेष उपस्थिति रही। कार्यक्रम का संचालन भी श्री राजेश कुमार द्वारा प्रभावशाली ढंग से किया गया।
प्रशिक्षण शिविर में एम्बुलेंस अधिकारी रजनी और शंभू कुमार डे सहित कुल 32 प्रशिक्षार्थी सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। शिविर के प्रथम दिवस प्रतिभागियों ने स्वच्छता अभियान चलाकर शिविर स्थल की साफ-सफाई की और “स्वच्छता ही सेवा” का संदेश दिया। सामूहिक श्रमदान के माध्यम से प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी दिखाई।
शिविर में प्रतिभागियों को प्राथमिक उपचार, दुर्घटना राहत, रोगी सहायता, आपदा प्रबंधन, अनुशासन और टीम भावना से जुड़ा सैद्धांतिक एवं प्रायोगिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान आपातकालीन स्थितियों में त्वरित निर्णय लेने, राहत एवं बचाव कार्यों का संचालन करने और मानवीय संवेदनाओं के साथ सेवा प्रदान करने के विभिन्न पहलुओं की जानकारी विस्तार से दी गई।
आयोजकों के अनुसार यह दीर्घकालीन प्रशिक्षण शिविर प्रतिभागियों में नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और आपदा की परिस्थितियों में प्रभावी ढंग से कार्य करने की दक्षता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। शिविर का उद्देश्य केवल तकनीकी प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि युवाओं में मानवता, सामाजिक समरसता और राष्ट्रसेवा की भावना को भी मजबूत करना है।