असंगठित, गिग व प्लेटफॉर्म श्रमिकों के लिए राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड का गठन अधिसूचित
नई दिल्ली, 30 अक्टूबर (हि.स.)। केंद्र सरकार ने असंगठित श्रमिकों और गिग एवं प्लेटफॉर्म श्रमिकों के लिए राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड के गठन को अधिसूचित किया है। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने सामाजिक सुरक्षा संहिता के तहत इन बोर्डों के गठन की आधिकारिक अधिसूचना जारी की है। इसका उद्देश्य असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने वाले श्रमिकों को भी सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाना है।
केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अनुसार, इन बोर्डों की अध्यक्षता केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री करेंगे। इनमें केंद्र और राज्य सरकारों के प्रतिनिधियों के साथ एग्रीगेटर कंपनियों, नियोक्ताओं, नागरिक समाज संगठनों, श्रमिक संघों और गिग एवं प्लेटफॉर्म श्रमिकों के संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड असंगठित श्रमिकों और गिग एवं प्लेटफॉर्म श्रमिकों के लिए लक्षित कल्याणकारी योजनाओं की रूपरेखा तैयार करने, उनकी निगरानी करने और सरकार को सिफारिशें देने का काम करेंगे। इनका उद्देश्य असंगठित क्षेत्र के लाखों श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी कमियों को दूर करना है।
अधिसूचना के मुताबिक, राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्डों की बैठक साल में कम से कम तीन बार होगी। बैठकों में कामकाज के संचालन से जुड़े नियम केंद्र सरकार की ओर से निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार लागू होंगे।
बोर्ड केंद्र सरकार को असंगठित श्रमिकों, गिग श्रमिकों और प्लेटफॉर्म श्रमिकों के अलग-अलग वर्गों के लिए उपयुक्त सामाजिक सुरक्षा योजनाएं बनाने की सिफारिश करेंगे। इसके अलावा सामाजिक सुरक्षा संहिता के प्रशासन से जुड़े उन मामलों पर सरकार को सलाह देंगे, जिन्हें उनके पास भेजा जाएगा।
बोर्ड केंद्र सरकार की ओर से संचालित सामाजिक कल्याण योजनाओं की निगरानी करेंगे। साथ ही राज्य स्तर पर रिकॉर्ड रखने की व्यवस्था की समीक्षा, निधि और खातों से किए गए व्यय का परीक्षण तथा केंद्र सरकार की ओर से सौंपे गए अन्य कार्य भी करेंगे।
इस पहल के जरिए गिग और प्लेटफॉर्म श्रमिकों को भी देश की औपचारिक सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था से जोड़ने की दिशा में कदम उठाया गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर