कर्नाटक के सरकारी कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम्’ की पहली दो कड़ियों के गायन का आदेश

 




बेंगलुरु, 10 सितंबर (हि.स.)। कर्नाटक में आयोजित होने वाले सरकारी कार्यक्रमों और समारोहों में ‘वंदे मातरम्’ के वादन या गायन को लेकर एकरूपता, सम्मान और उचित शिष्टाचार बनाए रखने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने आदेश जारी किया है।

आदेश में कहा गया है कि भारत के राष्ट्रीय आंदोलन के दौरान लोगों में राष्ट्रीयता, एकता और देशभक्ति की भावना जगाने में ‘वंदे मातरम्’ का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। इसी पृष्ठभूमि में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने ‘वंदे मातरम्’ के आधिकारिक संस्करण तथा विभिन्न सरकारी और सार्वजनिक कार्यक्रमों में इसके गायन और वादन को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों में राष्ट्रीय गीत के वादन तथा सामूहिक गायन से जुड़े अवसरों को अलग-अलग निर्धारित किया गया है। राज्य सरकार ने भी विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों और समारोहों के स्वरूप एवं अवसर के अनुरूप ‘वंदे मातरम्’ के गायन या वादन में एकरूपता, सम्मान और उचित शिष्टाचार बनाए रखने की आवश्यकता जताई है।

इसी क्रम में मंत्रिमंडल के निर्णय के अनुसार राज्य में आयोजित होने वाले सरकारी कार्यक्रमों और समारोहों में ‘वंदे मातरम्’ के गायन या वादन को लेकर आदेश जारी किया गया है।

आदेश के अनुसार राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और राज्यपाल की उपस्थिति वाले कार्यक्रमों को छोड़कर, राज्य सरकार के कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम्’ की केवल पहली दो कड़ियों का ही गायन किया जाएगा।

कर्मचारी एवं प्रशासनिक सुधार विभाग (राजनीतिक) के सरकार के अवर सचिव संदीप बी.के. ने राज्यपाल के आदेशानुसार एवं उनके नाम से यह आदेश जारी किया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश एम.बी.