एच.डी. कुमारस्वामी ने सिद्धारमैया पर हमला किया
बेंगलुरु, 03 मार्च (हि.स.)। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के खिलाफ तीखा हमला बोलते हुए केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने फोन टैपिंग और प्रशासनिक कार्यशैली को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी अपने विस्तृत बयान में उन्होंने राज्य की राजनीति से जुड़े कई पुराने घटनाक्रमों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री से सीधे सवाल पूछे।
अपने बयान में पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा का जिक्र करते हुए कुमारस्वामी ने कहा कि “जब भी सीधा राजनीतिक संघर्ष होता है, तब देवेगौड़ा को बीच में लाना उचित नहीं है।” उन्होंने उस दौर को याद करने की सलाह दी जब देवेगौड़ा ने सत्ता गंवाई थी और मुख्यमंत्री से आत्ममंथन करने को कहा।
कुमारस्वामी ने कांग्रेस के पूर्व नेताओं सीताराम केसरी और सोनिया गांधी के बारे में अतीत में दिए गए बयानों को भी याद दिलाया। उन्होंने कहा कि यदि आत्मा की आवाज है तो सच स्वीकार करना चाहिए।
फोन टैपिंग के मुद्दे पर उन्होंने स्पष्ट किया कि मीडिया में आई खबरों के आधार पर ही उन्होंने प्रतिक्रिया दी है, आरोप गढ़े नहीं हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष का काम सवाल पूछना है और मुख्यमंत्री को विषयांतर किए बिना जवाब देना चाहिए।
राज्य में कांग्रेस को 140 सीटें मिलने का उल्लेख करते हुए कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि सरकार प्रशासन से अधिक राजनीतिक जवाबी हमलों में व्यस्त है। अपने दो कार्यकाल का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “मेरी सरकार भी पूर्ण बहुमत की नहीं थी, फिर मुझे फोन टैपिंग की क्या जरूरत थी?”
उन्होंने लोकतंत्र की परिभाषा बताते हुए कहा कि “लोकतंत्र का मतलब गुटबाजी या सार्वजनिक रूप से एक-दूसरे पर आरोप लगाना नहीं है।” आपातकाल का संदर्भ देते हुए उन्होंने कांग्रेस पर आंतरिक लोकतंत्र की कमी का आरोप लगाया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम इस विवाद में न घसीटने की सलाह देते हुए कुमारस्वामी ने कहा कि “अपने ऊपर लगे दाग के लिए दूसरों को जिम्मेदार ठहराना ठीक नहीं है।”
कुल मिलाकर, फोन टैपिंग विवाद और प्रशासनिक मुद्दों को लेकर कुमारस्वामी का यह बयान राज्य की राजनीति में नई बहस का कारण बन गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश महादेवप्पा