चक्रवात प्रभावित आंध्र प्रदेश में बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए कर्नाटक ने भेजे 500 कर्मचारी

 

- 15 पॉल्फिंगर लॉरी और 25 ट्रैक्टर आधारित ड्रिलिंग मशीनें भी रवाना, ऊर्जा मंत्री के.जे. जॉर्ज करेंगे अभियान की निगरानी

बेंगलुरु, 02 नवंबर (हि.स.)। चक्रवात से प्रभावित आंध्र प्रदेश में बिजली आपूर्ति व्यवस्था बहाल करने के लिए कर्नाटक सरकार ने मदद का हाथ बढ़ाया है। राज्य सरकार ने 500 कुशल बिजली कर्मचारियों और आवश्यक उपकरणों को आंध्र प्रदेश भेजा है।

बिजली आपूर्ति के बुनियादी ढांचे को दुरुस्त करने के लिए आंध्र प्रदेश सरकार ने कर्नाटक से मानव संसाधन और उपकरण उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था। इसके बाद कर्नाटक सरकार ने ऊर्जा मंत्री के.जे. जॉर्ज की निगरानी में सहायता भेजने का निर्णय लिया।

मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू से फोन पर बातचीत कर संकट की इस घड़ी में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। शिवकुमार ने कहा कि बिजली एक आवश्यक सेवा है और प्राकृतिक आपदा से प्रभावित लोगों की सुविधा के लिए इसकी आपूर्ति जल्द बहाल करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि कर्नाटक इस संकट में आंध्र प्रदेश की जनता के साथ खड़ा है।

ऊर्जा मंत्री के.जे. जॉर्ज ने कहा कि जमीनी स्तर पर बेहतर समन्वय और आधुनिक उपकरणों के इस्तेमाल के जरिए आंध्र प्रदेश के अधिकारियों के साथ मिलकर बिजली आपूर्ति जल्द बहाल करने का प्रयास किया जाएगा।

चक्रवात प्रभावित क्षेत्रों में बिजली वितरण व्यवस्था बहाल करने के लिए कर्नाटक ने 500 कुशल बिजली कर्मचारियों को भेजा है। इनके साथ 15 पॉल्फिंगर लॉरी और 25 ट्रैक्टर आधारित ड्रिलिंग मशीनें भी रवाना की गई हैं। पॉल्फिंगर लॉरी क्रेन और खुदाई संबंधी उपकरणों से लैस हैं।

आपात स्थिति को देखते हुए इन टीमों को तत्काल तैयार किया गया। ये सोमवार दोपहर आंध्र प्रदेश के लिए रवाना हुईं और मध्यरात्रि तक वहां पहुंच गईं।

अभियान के प्रभावी संचालन के लिए कर्नाटक की प्रत्येक बिजली आपूर्ति कंपनी (एस्कॉम) ने एक संपर्क अधिकारी नियुक्त किया है। ये अधिकारी आंध्र प्रदेश के संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय करेंगे।

बिजली कर्मचारियों को 10-10 सदस्यों की टीमों में बांटा गया है। प्रत्येक टीम का नेतृत्व एक कनिष्ठ या सहायक अभियंता करेंगे। वहीं, तैनात टीमों की निगरानी और समन्वय के लिए प्रत्येक परिचालन एवं रखरखाव मंडल से एक कार्यकारी अभियंता नियुक्त किया गया है।

कार्यस्थलों पर उपकरणों का प्रभावी इस्तेमाल सुनिश्चित करने के लिए पॉल्फिंगर लॉरी और ट्रैक्टर आधारित ड्रिलिंग मशीनों के साथ उनके चालक और ऑपरेटर भी भेजे गए हैं। तैनात कर्मचारियों की यात्रा, आवास और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर होने वाले आकस्मिक खर्च के लिए अतिरिक्त आपातकालीन निधि भी उपलब्ध कराई जाएगी।

प्राकृतिक आपदाओं के दौरान पड़ोसी राज्यों को प्राथमिकता के आधार पर सहायता देने की नीति के तहत कर्नाटक सरकार ने यह कदम उठाया है। इसका उद्देश्य आंध्र प्रदेश के प्रभावित लोगों को जल्द से जल्द बिजली जैसी आवश्यक सेवा उपलब्ध कराने में मदद करना है। यह जानकारी मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी मीडिया विज्ञप्ति में दी गई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश एम.बी.