समाज को नियम नहीं, मूल्यों पर आधारित होना चाहिए: बी.एल. संतोष

 


मैसूर, 27 मार्च (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष ने कहा कि वर्तमान समय में समाज का केवल नियम आधारित होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे मूल्य आधारित बनाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मूल्यों पर आधारित समाज ही दीर्घकालिक रूप से मजबूत और समृद्ध बन सकता है।

बी.एल. संतोष मैसूर स्थित कर्नाटक राज्य मुक्त विश्वविद्यालय में प्रज्ञा प्रवाह कर्नाटक द्वारा आयोजित ‘एकात्म मानव दर्शन: भारत की विश्वदृष्टि’ अंतरराष्ट्रीय विचार संगोष्ठी के तीसरे दिन आयोजित विशेष संवाद को संबोधित कर रहे थे।

बी.एल. संतोष ने कहा कि भगवान श्रीराम ने अपने उच्च मूल्यों के आधार पर देवत्व प्राप्त किया और वे युगों-युगों तक आदर्श बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि आज भले ही समाज नियमों के आधार पर चल रहा हो, लेकिन उसे आगे बढ़ने के लिए मूल्यों को अपनाना अनिवार्य है।

उन्होंने कहा कि पश्चिमी सोच और जीवनशैली के प्रभाव से भारतीय समाज की मानसिकता में बदलाव आ रहा है, जो एक गंभीर चुनौती है। समाज को उपनिवेशवादी मानसिकता से मुक्त करने के लिए व्यापक प्रयास किए जाने चाहिए।

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि बिना सिद्धांत वाले मतदाता, बिना सिद्धांत वाली राजनीतिक व्यवस्था का निर्माण करते हैं, जिससे भविष्य में अनेक समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। बेहतर जनप्रतिनिधियों के चयन के लिए मतदाताओं में जागरूकता बढ़ाना जरूरी है।

अंत में बी.एल. संतोष ने कहा कि राज्य का नियंत्रण कम करते हुए समाज केंद्रित व्यवस्था को मजबूत करना चाहिए। मूल्यों को प्राथमिकता देना ही एक सशक्त और समृद्ध समाज के निर्माण का आधार है।

इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य लोग उपस्थित रहे और भारतीय दृष्टिकोण पर आधारित नीति निर्माण, शिक्षा और सामाजिक विकास से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।------------

हिन्दुस्थान समाचार / राकेश महादेवप्पा