भुट्टे के रेशे फेंकने से पहले जान लें ये बात, सेहत के लिए हो सकते हैं फायदेमंद

बरसात का मौसम आते ही बाजारों में भुट्टे की खुशबू हर किसी को अपनी ओर आकर्षित करती है। ज्यादातर लोग भुट्टा खाने के बाद उसके ऊपर लगे महीन सुनहरे रेशों को बेकार समझकर कूड़ेदान में फेंक देते हैं। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इन्हीं रेशों, जिन्हें कॉर्न सिल्क भी कहा जाता है, का इस्तेमाल लंबे समय से पारंपरिक घरेलू उपायों में किया जाता रहा है। इनमें कई ऐसे प्राकृतिक यौगिक पाए जाते हैं जो शरीर के लिए लाभकारी हो सकते हैं।कॉर्न सिल्क में फ्लेवोनॉइड्स, एंटीऑक्सीडेंट और पोटैशियम जैसे तत्व पाए जाते हैं। एंटीऑक्सीडेंट शरीर को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद करते हैं।आइए जानते हैं इसके फायदे और इस्तेमाल का तरीका।

 

बरसात का मौसम आते ही बाजारों में भुट्टे की खुशबू हर किसी को अपनी ओर आकर्षित करती है। ज्यादातर लोग भुट्टा खाने के बाद उसके ऊपर लगे महीन सुनहरे रेशों को बेकार समझकर कूड़ेदान में फेंक देते हैं। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इन्हीं रेशों, जिन्हें कॉर्न सिल्क भी कहा जाता है, का इस्तेमाल लंबे समय से पारंपरिक घरेलू उपायों में किया जाता रहा है। इनमें कई ऐसे प्राकृतिक यौगिक पाए जाते हैं जो शरीर के लिए लाभकारी हो सकते हैं।कॉर्न सिल्क में फ्लेवोनॉइड्स, एंटीऑक्सीडेंट और पोटैशियम जैसे तत्व पाए जाते हैं। एंटीऑक्सीडेंट शरीर को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद करते हैं।आइए जानते हैं इसके फायदे और इस्तेमाल का तरीका।

इस तरह से बनाये हर्बल चाय

अगर आप भुट्टे के रेशों का उपयोग करना चाहते हैं, तो सबसे आसान तरीका इनकी हर्बल चाय बनाना है। इसके लिए ताजे और साफ रेशों को अच्छी तरह धो लें। फिर एक से दो कप पानी में इन्हें 5 से 10 मिनट तक उबालें। इसके बाद पानी को छान लें और चाहें तो स्वाद के लिए थोड़ा शहद या नींबू मिला सकते हैं। यह एक हल्का हर्बल पेय बन जाता है, जिसे कई लोग अपनी दिनचर्या में शामिल करते हैं। यदि रेशे अधिक मात्रा में हों, तो उन्हें छाया में सुखाकर एयरटाइट डिब्बे में रखा जा सकता है और बाद में भी चाय बनाने में इस्तेमाल किया जा सकता है।

फायदे

एंटीऑक्सीडेंट गुण शरीर को ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाने में मदद कर सकते हैं।
कुछ अध्ययनों में हल्के मूत्रवर्धक (diuretic) प्रभाव का उल्लेख है, जिससे शरीर से अतिरिक्त पानी निकलने में मदद मिल सकती है।
इसमें मौजूद पोटैशियम सामान्य स्वास्थ्य के लिए उपयोगी खनिज है।
पारंपरिक चिकित्सा में इसका उपयोग मूत्र मार्ग से जुड़ी कुछ समस्याओं में किया जाता रहा है, लेकिन इसके लिए मजबूत वैज्ञानिक प्रमाण अभी पर्याप्त नहीं हैं।

सावधानियां

केवल ताज़े, साफ और कीटनाशक-मुक्त भुट्टे के रेशों का ही उपयोग करें।
यदि आप गर्भवती हैं, स्तनपान करा रही हैं, किडनी की बीमारी है, या ब्लड प्रेशर/डायबिटीज़ की दवाएं या मूत्रवर्धक दवाएं लेते हैं, तो नियमित रूप से कॉर्न सिल्क का सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह लें।
यदि किसी भी तरह की एलर्जी या असहजता महसूस हो, तो इसका सेवन बंद कर दें।