तमिलनाडु के श्रीपेरूम्बुदुर में कम्मा महानडु सम्मेलन आठ फरवरी को

 


नई दिल्ली, 30 जनवरी (हि.स.)। तमिलनाडु के श्रीपेरूम्बुदुर में कम्मा महानडु सम्मेलन का आयोजन आठ फरवरी को किया जाएगा। इसकी घोषणा शुक्रवार को नई दिल्ली के प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में कम्मा ग्लोबल फेडरेशन (केजीएफ) के संस्थापक एवं अध्यक्ष जेट्टी कुसुमा कुमार ने की। इस अवसर पर फेडरेशन के वरिष्ठ सदस्य भी मौजूद रहे।

जेट्टी कुसुमा कुमार ने कहा कि देशभर के समुदाय अपने हितों को सुरक्षित रखने और निरंतरना बनाए रखने के तरीके खोज रहे हैं। हम अपनी मौजूदगी को सुरक्षित बनाने पर ध्यान दे रहे हैं, अपने योगदान को पहचान रहे हैं और अगली पीढ़ी को लीडरशिप भूमिकाओं के लिए तैयार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु महानडु के लिए स्वाभाविक मेजबान है क्योंकि यहां भारत की सबसे बड़ी कम्मावर आबादी रहती है। एक अनुमान के अनुसार इनकी संख्या 65 लाख है। राज्य ने कई जानी-मानी हस्तियां दुनिया को दी हैं। जैसे बोलिनेनी मुनुस्वामी नायडू, जीडी नायडू, नारायण स्वामी नायडू, अरकत वीरा स्वामी नायडू और वायको-जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों जैसे कृषि, सार्वजनिक जीवन, इनोवेशन एवं सामाजिक सुधारों में उल्लेखनीय योगदान दिया है। इस क्षेत्र में लीडरां और साम्राज्यों का समृद्ध इतिहास रहा है, जिनमें वीरपंडया कट्टा ब्राह्मण, तिरूमाला नायकर, मंगम्मा और रावेला तथा पेम्मासानी साम्राज्य शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि पिछले साल हैदराबाद में विश्व कम्मा सम्मेलन का आयोजन हुआ, जो केजीएफ का पहला अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन था। इसमें कई राज्यों एवं विदेशों के हजारों प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया था। इसी संवेग को आगे बढ़ाते हुए श्रीपेरूम्बुदुर में आगामी कम्मा महानडु विचारों के आदान-प्रदान के लिए महत्वपूर्ण मंच होगा तथा कम्मा समुदाय के भविष्य को सशक्त बनाने में उल्लेखनीय योगदान देगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव