नीट पेपर लीक मामले में प्रदर्शनकारी युवाओं को डराया जा रहा : खरगे

 


नई दिल्ली, 27 जुलाई (हि.स.)। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने नीट प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन करने वाले युवाओं को धमकाया जा रहा है और पश्चिम बंगाल तथा बिहार में कई युवाओं को जबरन हिरासत में लिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि अब प्रदर्शन में शामिल युवाओं के सोशल मीडिया अकाउंटों की भी जांच-पड़ताल की जा रही है, जो एक डरी हुई सरकार की निशानी है।

कांग्रेस अध्यक्ष ने सोमवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी अपने बयान में कहा कि देश का युवा लगातार सरकार से जवाब मांग रहा है, लेकिन अब तक इन सवालों का संतोषजनक उत्तर नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को लेकर छात्रों और अभ्यर्थियों में गंभीर चिंता है।

खरगे ने कहा कि सरकार को यह बताना चाहिए कि 766 दिन पहले शिक्षा क्षेत्र में सुधार और पेपर लीक रोकने के लिए गठित डॉ. राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों का क्या हुआ। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि 895 दिन पहले पेपर लीक रोकने के लिए कानून पारित होने के बावजूद देशभर में बार-बार प्रश्नपत्र लीक की घटनाएं क्यों होती रहीं।

उन्होंने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के कामकाज पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि 647 दिनों तक एजेंसी को पूर्णकालिक महानिदेशक (डायरेक्टर जनरल) क्यों नहीं दिया गया। उनके अनुसार, इससे परीक्षा प्रणाली के संचालन और जवाबदेही पर भी सवाल खड़े होते हैं।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि नीट पेपर लीक प्रकरण से लाखों छात्रों और उनके अभिभावकों का भरोसा प्रभावित हुआ है। ऐसे में सरकार को केवल विरोध करने वाले युवाओं पर कार्रवाई करने के बजाय परीक्षा प्रणाली में सुधार और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने चाहिए।

खरगे ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इन सभी मुद्दों पर सार्वजनिक रूप से अपना पक्ष रखने की मांग की। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री से छात्रों और देश के युवाओं से माफी मांगने की अपील करते हुए कहा कि सरकार को परीक्षा प्रणाली की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर