करतारपुर कॉरिडोर खोलने की मांग पर भारत-पाकिस्तान में हुई अरदास

 


- बीएसएफ ने अकाल तख्त जत्थेदार एवं संगत को जीरो लाइन से पहले रोका

- अकाल तख्त जत्थेदार पाकिस्तानी पंज प्यारों को नहीं दे सके सिरोपा

डेरा बाबा नानक, 21 सितंबर (हि.स.)। ऑपरेशन सिंदूर के बाद बन्द किए गए श्री करतारपुर साहिब कॉरिडोर को दोबारा खोलने की मांग को लेकर सोमवार देर शाम भारत-पाकिस्तान सीमा के दोनों ओर सिख संगत ने धार्मिक अरदास कार्यक्रम आयोजित किए।

भारत की सीमा में अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज के नेतृत्व में संगत डेरा बाबा नानक से जीरो लाइन की ओर बढ़ी, लेकिन सीमा सुरक्षा बल ने जत्थे को जीरो लाइन से कुछ दूरी पहले रोक दिया।

यह कार्यक्रम पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के आह्वान पर आयोजित किया गया था। पाकिस्तान की ओर गुरुद्वारा श्री दरबार साहिब, करतारपुर साहिब से गुरु नानक देव जी के ज्योति-जोत दिवस के अवसर पर नगर कीर्तन निकाला गया और संगत पाकिस्तानी सीमा की ओर जीरो लाइन के नजदीक पहुंची।

भारत की तरफ से जत्थेदार गड़गज्ज ने बीएसएफ अधिकारियों से पांच सिखों के जत्थे को जीरो लाइन तक जाने की अनुमति देने की मांग की। उनका उद्देश्य पाकिस्तान की संगत को श्री गुरु ग्रंथ साहिब के लिए रुमाला साहिब और पंज प्यारों के लिए सिरोपे सौंपना था।

अनुमति नहीं मिलने के बाद जत्थेदार और संगत बैरिकेड के सामने ही बैठ गए। वहां रहिरास साहिब का पाठ, शबद कीर्तन और अरदास की गई।

अरदास में श्री करतारपुर साहिब कॉरिडोर को जल्द खोलने, भारत और पाकिस्तान के बीच शांति तथा पंजाब के रास्ते सीमा पार व्यापार बहाल होने की कामना की गई।

मीडिया से बातचीत में जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने कहा कि सिख संगत को जीरो लाइन तक जाकर अरदास करने से रोकना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान की सरकारों को सिख समुदाय की धार्मिक भावनाओं को समझते हुए करतारपुर साहिब कॉरिडोर जल्द खोलने पर निर्णय लेना चाहिए।

जत्थेदार ने कहा कि सिख रोजाना ‘सरबत के भले’ की अरदास करते हैं और सोमवार को की गई अरदास भी दोनों देशों में शांति तथा संगत के लिए करतारपुर साहिब के खुले दर्शन-दीदार की कामना के लिए थी। उन्होंने सीमा पार व्यापार खोलने की भी मांग की और कहा कि इससे पंजाब के साथ हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों के किसानों तथा व्यापारियों को फायदा हो सकता है।

उन्होंने यह भी घोषणा की कि जब तक कॉरिडोर नहीं खुलता, वह प्रत्येक महीने संगत के साथ डेरा बाबा नानक पहुंचकर इसके लिए अरदास करेंगे।

पाकिस्तान की तरफ संगत ने रहिरास साहिब, गुरबाणी कीर्तन और आरती के बाद करतारपुर कॉरिडोर जल्द खोलने के लिए अरदास की। पाकिस्तानी तरफ से किए गए कीर्तन और जयकारों की आवाज भारतीय सीमा पर मौजूद संगत तक भी सुनाई दी।

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हिन्दुस्थान समाचार / GURSHARAN SINGH