टीबी मुक्त भारत अभियान को जन आंदोलन बनाएं, सांसद निभाएं अहम भूमिका: जेपी नड्डा
नई दिल्ली, 29 जुलाई (हि.स.)।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने पश्चिम बंगाल के सांसदों से टीबी मुक्त भारत अभियान को जन आंदोलन का रूप देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2030 तक देश से टीबी उन्मूलन का लक्ष्य केवल जनप्रतिनिधियों, सरकार और समाज की संयुक्त भागीदारी से ही हासिल किया जा सकता है।
बुधवार
संसद के मानसून सत्र के दौरान आयोजित “पार्लियामेंटेरियंस चैंपियनिंग ए टीबी मुक्त भारत” बैठक की अध्यक्षता करते हुए नड्डा ने कहा कि भारत ने टीबी नियंत्रण के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की ग्लोबल टीबी रिपोर्ट 2025 का हवाला देते हुए बताया कि वर्ष 2015 से 2024 के बीच भारत में टीबी की घटनाओं में 21 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है, जबकि वैश्विक स्तर पर यह कमी 12 प्रतिशत रही। उन्होंने कहा कि भारत की उपचार कवरेज दर 92 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जो वैश्विक औसत 78 प्रतिशत से काफी अधिक है।
बैठक में केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार भी मौजूद रहे। इसमें पश्चिम बंगाल के लोकसभा और राज्यसभा सांसदों ने भाग लिया और टीबी उन्मूलन को लेकर विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।
नड्डा ने सांसदों से अपने-अपने क्षेत्रों में टीबी उन्मूलन कार्यक्रमों की नियमित समीक्षा करने, जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय बढ़ाने, निक्षय शिविरों के माध्यम से शीघ्र जांच को बढ़ावा देने, जागरूकता अभियान चलाने तथा सामाजिक कलंक को दूर करने का आग्रह किया। उन्होंने निक्षय मित्रों और स्थानीय संगठनों को अभियान से जोड़कर मरीजों को पोषण, मनोसामाजिक और आजीविका संबंधी सहायता उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया।
उन्होंने कहा कि सरकार टीबी उन्मूलन के लिए आधुनिक तकनीक का व्यापक उपयोग कर रही है। स्वदेशी ट्रूनैट आणविक जांच मशीनों, एआई आधारित हैंडहेल्ड एक्स-रे उपकरणों और पीएम केयर्स से उपलब्ध कराई गई पोर्टेबल एक्स-रे यूनिटों के माध्यम से दूरदराज़ क्षेत्रों में भी समय पर जांच और उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि निक्षय पोषण योजना के तहत टीबी मरीजों को दी जाने वाली मासिक पोषण सहायता बढ़ाकर 1,000 रुपये कर दी गई है। साथ ही कम अवधि वाले आधुनिक उपचार और देशभर में पांच लाख से अधिक निक्षय मित्रों के माध्यम से मरीजों को निरंतर सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है।
बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की अतिरिक्त सचिव एवं मिशन निदेशक आराधना पटनायक ने भी पश्चिम बंगाल में टीबी उन्मूलन अभियान की प्रगति और भविष्य की रणनीति पर जानकारी दी।
बैठक के अंत में पश्चिम बंगाल के सांसदों ने टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाने, शीघ्र जांच को प्रोत्साहित करने, जिला स्तर पर निगरानी मजबूत करने और जनभागीदारी के माध्यम से टीबी मुक्त भारत अभियान को सफल बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी