झांसी : बीडा में आई पैतृक जमीन तो आर्थिक उजाला देख बंगाल में रफीक बने राजकुमार ने की घर वापसी, पत्नी अफसरी खातून भी हुई सनातनी
झांसी, 26 सितंबर (हि.स.)। विषम परिस्थितियों में मजदूरी करने बंगाल गए राजापुर निवासी राजकुमार पटेरिया ने धर्म परिवर्तन कर इस्लाम अपनाते हुए रफीक बन गया था। वहां शादी की और बच्चे भी हो गए। इधर राजापुर में उसकी पुस्तैनी जमीन बुंदेलखंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (बीडा) में आ गई। यह जानकारी होते ही रफीक काे अपनी बदहाल स्थित में उजाला दिखने लगा और घर वापस लाैटने का फैसला लिया। यही नहीं वापस लौटने के बाद वर्षों बाद पत्नी संग सनातन संस्कृति में वापसी की। उन्होंने शनिवार को सिद्धेश्वर मंदिर में आचार्य राजीव पाठक के सानिध्य में हवन-पूजन किया और गंगाजल व गोमूत्र ग्रहण कर सनातन संस्कृति के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। इस दौरान उनकी पत्नी अफसरी खातून भी मौजूद रहीं।
बताया गया कि राजकुमार पटेरिया रोजगार के लिए बंगाल गए थे। वहां की परिस्थितियों के चलते उन्होंने मुस्लिम धर्म अपनाकर अपना नाम रफीक रख लिया था। इसी दौरान उन्होंने अफसरी खातून से विवाह किया। बाद में परिस्थितियां बदलीं और वह अपने परिवार के साथ झांसी लौट आए। इसके बाद उन्होंने पुनः हिंदू धर्म में लौटने की इच्छा जताई।
राजकुमार ने जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को शपथ पत्र देकर धर्म में वापसी की इच्छा से अवगत कराया था। बताया गया कि उनके प्रार्थना पत्र और परिस्थितियों की पुलिस स्तर पर जांच भी कराई गई। इसके बाद उन्होंने अपनी पत्नी के साथ सनातन संस्कृति में आस्था व्यक्त करते हुए हिंदू धर्म अपनाने की प्रक्रिया पूरी की।
सिद्धेश्वर मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में विश्व हिंदू परिषद के नेता विनोद अवस्थी, हिंदू जागरण मंच के प्रदीप खरे, भाजपा के पुरुषोत्तम स्वामी, दुर्गा उत्सव समिति के पीयूष रावत, हिंदू जागरण मंच के युवा कार्यकर्ता विकास अवस्थी, ब्राह्मण समाज के रामकुमार मिश्र और अतुल मिश्रा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
आयोजकों के अनुसार, राजकुमार अब अपने परिवार के साथ राजापुर गांव में मकान बनाकर रहने की तैयारी कर रहे हैं। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने उनके परिवार के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
हिन्दुस्थान समाचार / महेश पटैरिया