सुखनई में पूर्वजों को पानी देने गए नाबालिग समेत एक ही परिवार के पांच लोग डूबे, मौत से मचा कोहराम
झांसी, 29 सितंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के झांसी स्थित मऊरानीपुर थाना क्षेत्र में रिपोर्टिंग पुलिस चौकी क्षेत्र के ग्राम पंचायत देवरी सिंहपुरा के पास सुखनई नदी के बल्लू घाट पर मंगलवार को बड़ा हादसा हो गया। पूर्वजों को पानी देने पहुंचे एक ही परिवार के पांच लोग नदी में डूब गए। हादसे में 13 वर्षीय नाबालिग समेत पांचों की मौत हो गई। एक साथ पांच मौतों की खबर से क्षेत्र में सनसनी फैल गई और देवरी सिंहपुरा गांव में मातम पसर गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार देवरी सिंहपुरा निवासी रामेश्वर प्रसाद तिवारी के यहां 28 सितंबर को उनके स्वर्गीय भाई रानी तिवारी का श्राद्ध कार्यक्रम था। इसमें परिवार के सभी रिश्तेदार शामिल हुए थे। श्राद्ध के अगले दिन मंगलवार को परिजन पूर्वजों को पानी देने सुखनई नदी के बल्लू घाट पहुंचे थे। बताया गया कि घाट पर पहुंचने के बाद 40 वर्षीय अनूप तिवारी पुत्र रामेश्वर प्रसाद तिवारी नदी में नहाने के लिए उतरे। इसी दौरान वह गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे।
अनूप को डूबता देखकर उनका पुत्र 13 वर्षीय अर्पित तिवारी पुत्र अनूप तिवारी, 21 वर्षीय श्रेयांश तिवारी पुत्र विजय तिवारी, 24 वर्षीय अभिनय तिवारी पुत्र अजय तिवारी तथा भांजा 25 वर्षीय पुष्कल उर्फ छोटू पुत्र शिशु शुक्ला उन्हें बचाने के लिए गहरे पानी में उतर गए। देखते ही देखते पांचों गहरे पानी में समा गए।
हादसा देख आसपास मौजूद लोगों ने शोर मचाते हुए परिजनों और ग्रामीणों को सूचना दी। इसके बाद बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर पहुंच गए और पुलिस को सूचना दी। चौकी प्रभारी कुलदीप पंवार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। स्थानीय गोताखोरों की मदद से नदी में खोजबीन शुरू की गई। सूचना पर उपजिलाधिकारी मनोज भारती, क्षेत्राधिकारी रत्नेश्वर सिंह और गोताखोर टीम भी मौके पर पहुंची।
चौकी में तैनात उपनिरीक्षक सतीश और साहसी तैराकों ने रस्सी के सहारे नदी के गहरे पानी में उतरकर तलाश शुरू की। काफी मशक्कत के बाद पांचों को पानी से बाहर निकाला गया। सभी को तत्काल एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया, जहां चिकित्सकों ने पांचों को मृत घोषित कर दिया।
एक दिन पहले श्राद्ध, दूसरे दिन टूट पड़ा दुखों का पहाड़
एक दिन पहले जिस तिवारी परिवार में श्राद्ध कार्यक्रम के चलते रिश्तेदारों की चहल-पहल थी, उसी परिवार में अगले दिन पांच मौतों से कोहराम मच गया। मृतक अनूप किराने की दुकान चलाने के साथ खेती-बाड़ी करते थे। अभिनय शटरिंग का सामान किराये पर देने का काम करते थे, जबकि अर्पित, श्रेयांश और पुष्कल पढ़ाई कर रहे थे।
देवरी सिंहपुरा में पांच मौतों के बाद सन्नाटा पसरा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों के मुताबिक गांव में कई घरों में चूल्हे तक नहीं जले।
परिजनों को आर्थिक मदद का भरोसा
घटनास्थल पर पहुंचे एसडीएम मनोज भारती और सीओ रत्नेश्वर सिंह ने स्थिति का जायजा लिया। एसडीएम ने मृतकों के परिजनों को भरोसा दिलाया कि उन्हें नियमानुसार शीघ्र आर्थिक सहायता दिलाई जाएगी। हादसे के बाद पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / महेश पटैरिया