वीबी-जी राम जी अधिनियम ग्रामीण रोजगार को देगा नया आयाम : मनोहर लाल
रांची, 12 जनवरी (हि.स.)। झारखंड की राजधानी रांची स्थित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश कार्यालय में सोमवार को विकसित भारत रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) (वीबी-जी राम जी) को लेकर प्रदेश स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने की, जबकि केंद्रीय ऊर्जा, आवास एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे।
कार्यशाला में अधिनियम को लेकर कांग्रेस एवं विपक्षी दलों द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम को दूर करने तथा इसकी विशेषताओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने पर मंथन किया गया। इसमें जिला स्तर पर गठित समितियों के सदस्य और जिलों की कार्यशालाओं में भाग लेने वाले वक्ता शामिल हुए।
कार्यशाला और बाद में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए मनोहर लाल ने कहा कि वीबी-जी राम जी अधिनियम-2025 ग्रामीण रोजगार को सतत विकास का साधन बनाने वाला कानून है और यह विकसित भारत–2047 के लक्ष्य के अनुरूप है। उन्होंने कहा कि कमजोर प्रशासनिक व्यवस्था, भ्रष्टाचार और विकासोन्मुख दृष्टिकोण की कमी के कारण मनरेगा का दीर्घकालिक प्रभाव कमजोर होता गया।
मनोहर लाल ने कहा कि मनरेगा में मांग आधारित काम की व्यवस्था खुली होने के कारण वित्तीय असंतुलन उत्पन्न होता था और कई बार अनावश्यक योजनाओं का सृजन करना पड़ता था, जिससे सरकारी धन और श्रम की बर्बादी होती थी। नए अधिनियम में गांव की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप योजनाओं की स्वीकृति का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने बताया कि अब ग्रामीण कार्यों की योजना विकसित ग्राम पंचायत योजना के माध्यम से बनेगी, जिसे ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर पर समेकित किया जाएगा। इसके तहत वार्षिक रोजगार गारंटी को 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। साथ ही मजदूरों को समय पर पारिश्रमिक भुगतान और रोजगार नहीं मिलने की स्थिति में बेरोजगारी भत्ता का भी प्रावधान किया गया है।
मंत्री ने कहा कि योजनाओं को चार श्रेणियों—जल सुरक्षा एवं प्रबंधन, कोर ग्रामीण अवसंरचना, आजीविका से जुड़ी संरचनाएं और जलवायु प्रभाव आधारित योजनाएं में विभाजित किया गया है, जिससे समन्वित राष्ट्रीय विकास को गति मिलेगी।
मनोहर लाल ने दावा किया कि मोदी सरकार ने कांग्रेस सरकारों की तुलना में मनरेगा में अधिक राशि खर्च की है। महिलाओं की भागीदारी 56.74 प्रतिशत तक बढ़ाई गई, आधार सीडेड सक्रिय श्रमिकों की संख्या 76 लाख से बढ़कर 12.11 करोड़ हो गई, लेकिन डिजिटल टैगिंग के अभाव में कई राज्यों में गबन जारी रहा। उन्होंने कहा कि झारखंड, पश्चिम बंगाल और पंजाब की ऑडिट रिपोर्ट में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार उजागर हुआ है। नए अधिनियम में एआई आधारित निगरानी, जीपीएस ट्रैकिंग, केंद्र-राज्य संचालन समितियां, पंचायत स्तर पर निगरानी और साप्ताहिक सार्वजनिक प्रकटीकरण जैसे प्रावधान किए गए हैं। साथ ही राज्यों की भागीदारी 60:40 अनुपात में सुनिश्चित की गई है।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए बाबूलाल मरांडी ने कहा कि आज कांग्रेस पार्टी को गांधी नाम से अधिक प्रेम दिखता है, जबकि उनके आदर्शों से उसका कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि रामराज्य की स्थापना के लिए गांधी के आदर्शों पर चलना आवश्यक है और मोदी सरकार उन्हीं आदर्शों के अनुरूप देश का विकास कर रही है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के प्रयासों से कांग्रेस विचलित है।
वहीं कार्यकारी अध्यक्ष एवं सांसद आदित्य साहू ने कहा कि कांग्रेस पार्टी अधिनियम के विरोध में उपवास का नाटक कर रही है, जबकि उसकी नीतियों के कारण 65 वर्षों तक देश के करोड़ों लोग भूख में सोने को मजबूर रहे। उन्होंने कांग्रेस को भ्रष्टाचार की जननी, पोषक और संरक्षक बताया। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से वीबी-जी राम जी अधिनियम की जानकारी जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।
कार्यशाला को क्षेत्रीय संगठन महामंत्री नागेंद्र त्रिपाठी और प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह ने भी संबोधित किया। पार्टी नेताओं ने बताया कि 15, 16 और 17 जनवरी को राज्य के सभी जिलों में इसी विषय पर कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा।-------
हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे