एसआईआर पर विपक्ष झूठ और भ्रम फैलाकर लोकतंत्र को कमजोर करने में जुटा : सुकांत मजूमदार

 




रांची, 06 नवंबर (हि.स.)। केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार ने कांग्रेस सहित विपक्षी दलों पर विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर देशभर में झूठ, भ्रम और अफवाह फैलाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष चुनाव आयोग, चुनावी प्रक्रिया और संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाकर लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति जनता का विश्वास कमजोर करने का प्रयास कर रहा है।

रांची स्थित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश कार्यालय में शुक्रवार को आयोजित प्रेस वार्ता में डॉ. मजूमदार ने कहा कि कांग्रेस, राहुल गांधी और पूरे विपक्ष का असली चेहरा जनता के सामने आना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी), वाम दल और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) जैसी पार्टियां मिलकर ऐसा माहौल बनाने में जुटी हैं, जिससे देश की संवैधानिक व्यवस्था पर जनता का भरोसा कमजोर हो। विपक्ष बिना ठोस प्रमाण के चुनाव आयोग और चुनावी प्रक्रिया पर लगातार सवाल खड़े कर रहा है।

उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि वह हिटलर और उसके मंत्री गोएबल्स की नीति अपनाकर झूठ को सच साबित करने की कोशिश कर रहा है। पहले कांग्रेस चुनाव हारने पर ईवीएम को दोष देती थी और अब उसे एसआईआर के रूप में नया बहाना मिल गया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस 2014 से 2025 तक 56 बार चुनाव हार चुकी है। शायद वह फिल्म 'अब तक 56' से प्रेरित होकर हार का नया रिकॉर्ड बनाने में जुटी है।

केंद्रीय मंत्री ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि आंदोलन बीच में छोड़कर विदेश घूमने से चुनाव नहीं जीते जा सकते। चुनाव जीतने के लिए जनता का विश्वास हासिल करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कई राज्यों में लंबे समय से सत्ता से बाहर है और लगातार मिल रही चुनावी पराजय की हताशा में चुनाव आयोग तथा चुनावी प्रक्रिया पर आरोप लगा रही है।

सुकांत मजूमदार ने सवाल किया कि वर्ष 2024 से पहले जब एसआईआर नहीं हो रहा था, तब कांग्रेस चुनाव क्यों हार रही थी। विपक्ष को संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने के बजाय अपनी नीतियों और नेतृत्व की समीक्षा करनी चाहिए।

राहुल गांधी के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए डॉ. मजूमदार ने कहा कि जब मीडिया उनसे पूछती है कि वोट चोरी कैसे हुई, तो उनका जवाब होता है कि उन्हें ऐसा महसूस हो रहा है। उन्होंने इसे देश के प्रमुख विपक्षी नेता का गैरजिम्मेदाराना बयान बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष अब तक अपने दावों के समर्थन में कोई ठोस प्रमाण पेश नहीं कर पाया है। इस मामले को लेकर विपक्ष उच्चतम न्यायालय भी गया, लेकिन वहां भी उसे निराशा हाथ लगी।

केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि संवैधानिक और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के माध्यम से सफलता नहीं मिलने पर विपक्ष ने ध्रुव राठी जैसे लोगों को आगे कर दिल्ली में हंगामा और अराजकता का माहौल बनाने की कोशिश की। उन्होंने 20 जुलाई को हुई घटना का उल्लेख करते हुए दावा किया कि इस दौरान 118 पुलिसकर्मी घायल हुए। उन्होंने महिलाओं और बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) पर हमले किए जाने का भी आरोप लगाया।

डॉ. मजूमदार ने कहा कि सत्ता परिवर्तन सड़कों पर अराजकता फैलाने से नहीं होता। भारत में सत्ता परिवर्तन का रास्ता लोकतांत्रिक और चुनावी प्रक्रिया से होकर गुजरता है। विपक्ष को सत्ता में आना है तो उसे अपनी नीतियों, नेतृत्व और कार्यों के आधार पर जनता के बीच जाना होगा। जनता का विश्वास हासिल करने के बाद ही सरकार बनाने का अवसर मिलता है।

उन्होंने विश्वास जताया कि 2029 के लोकसभा चुनाव में भी कांग्रेस सहित विपक्षी दलों को जनता निराश करेगी और भाजपा के नेतृत्व में फिर सरकार बनेगी। उन्होंने मीडिया से आग्रह किया कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बदनाम करने और संवैधानिक संस्थाओं के प्रति अविश्वास पैदा करने के प्रयासों की वास्तविकता जनता तक पहुंचाई जाए।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि विपक्ष चाहता है कि देश की जनता का विश्वास चुनावी प्रक्रिया और लोकतंत्र से उठ जाए, जो देश के लोकतांत्रिक भविष्य के लिए गंभीर चिंता का विषय है। ऐसे में अराजकता को दूर कर लोकतंत्र की रक्षा करना आवश्यक है।

प्रेस वार्ता में भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष बालमुकुंद सहाय, प्रदेश मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव और प्रदेश मीडिया प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह उपस्थित थे।-----------

हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे