लोकसभा में उठा चियांकी हवाई अड्डे का मुद्दा, नियमित उड़ान सेवा शुरू करने की मांग
पलामू, 11 अगस्त (हि.स.)। पलामू प्रमंडलीय मुख्यालय मेदिनीनगर स्थित चियांकी हवाई अड्डे के विकास और वहां से जल्द नियमित वाणिज्यिक उड़ान सेवा शुरू करने का मुद्दा मंगलवार को लोकसभा में उठा। पलामू के सांसद विष्णु दयाल राम ने सदन में मामले को उठाते हुए केंद्र सरकार से हवाई अड्डे के लंबित विकास कार्यों को मिशन मोड में पूरा कराने और शीघ्र नियमित उड़ान सेवा शुरू करने की मांग की।
सांसद ने कहा कि केंद्र सरकार ने क्षेत्रीय हवाई संपर्क को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संशोधित उड़ान योजना के तहत देशभर में नए और अनुपयोगी हवाई अड्डों के विकास का निर्णय लिया है। चियांकी हवाई अड्डे को भी इस योजना के तहत विकसित करने के लिए चयनित किया गया है, लेकिन इसके बावजूद अब तक यहां से नियमित वाणिज्यिक उड़ान सेवा शुरू नहीं हो सकी है।
उन्होंने कहा कि पलामू प्रमंडल के पलामू, गढ़वा और लातेहार जिलों की 50 लाख से अधिक आबादी को हवाई यात्रा के लिए रांची, गयाजी, वाराणसी सहित अन्य दूरस्थ हवाई अड्डों पर निर्भर रहना पड़ता है। इससे आम यात्रियों के साथ मरीजों, व्यापारियों, उद्योगपतियों और सरकारी अधिकारियों को समय और आर्थिक दोनों स्तर पर परेशानी होती है।
विष्णु दयाल राम ने कहा कि चियांकी हवाई अड्डे से नियमित उड़ान सेवा शुरू होने से क्षेत्र के पर्यटन को नई गति मिल सकती है। इससे पलामू टाइगर रिजर्व, बेतला राष्ट्रीय उद्यान, पलामू किला और नेतरहाट सहित प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होगी। बेहतर हवाई संपर्क से कृषि, तसर, लाख, वनोपज और लघु उद्योगों को व्यापक बाजार तक पहुंच बनाने में मदद भी मिलेगी। इसके अलावा स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, निवेश आकर्षित करने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने में भी हवाई संपर्क की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
सांसद ने आपदा प्रबंधन, एयर एम्बुलेंस और अन्य आपातकालीन सेवाओं के लिए भी चियांकी हवाई अड्डे को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने नागरिक उड्डयन मंत्रालय से हवाई अड्डे के विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने का अनुरोध किया। साथ ही रनवे विस्तार, टर्मिनल भवन, एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावर, सुरक्षा अवसंरचना और अग्निशमन सुविधाओं से जुड़े लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा कराने की मांग की।
सांसद ने भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण, झारखंड सरकार और अन्य संबंधित एजेंसियों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित करने तथा लंबित स्वीकृतियों को समयबद्ध तरीके से पूरा कराने का भी आग्रह किया।
विष्णु दयाल राम ने परियोजना की प्रगति की नियमित मासिक समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय निगरानी समिति गठित करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी कार्य पूरे कर चियांकी हवाई अड्डे को नियमित वाणिज्यिक उड़ानों के लिए तैयार किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि चियांकी हवाई अड्डा केवल पलामू संसदीय क्षेत्र के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तर-पश्चिमी झारखंड के सामाजिक, आर्थिक, औद्योगिक और पर्यटन विकास के लिए महत्वपूर्ण परियोजना है। लिहाजा, उन्होंने केंद्र सरकार से इस दिशा में त्वरित और ठोस कार्रवाई करने की मांग की।----------
हिन्दुस्थान समाचार / दिलीप कुमार