भगवान बिरसा मुंडा का धर्म-परिवर्तन के खिलाफ संघर्ष और आदिवासी गौरव के प्रति उनका समर्पण प्रेरणा का स्रोत : अमित शाह
रांची, 09 जून (हि.स.)। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने जनजातीय समाज के महानायक और ‘धरती आबा’ बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है। उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा को जनजातीय स्वाभिमान, राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक चेतना का अमर प्रतीक बताते हुए उनके योगदान को याद किया।
अमित शाह ने मंगलवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी अपने संदेश में कहा कि भगवान बिरसा मुंडा ने ऐतिहासिक ‘उलगुलान आंदोलन’ के माध्यम से अंग्रेजी शासन के विरुद्ध आजादी का शंखनाद किया था। उन्होंने आदिवासी समाज को अपने अधिकारों, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत की रक्षा के लिए संगठित किया तथा जल, जंगल और जमीन के संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप प्रदान किया।
गृह मंत्री ने कहा कि बिरसा मुंडा का जीवन संघर्ष, साहस और सामाजिक जागरण का प्रतीक है। उन्होंने जनजातीय समुदाय के अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष किया और समाज में आत्मसम्मान तथा स्वाभिमान की भावना को मजबूत किया।
अमित शाह ने अपने संदेश में कहा कि धर्मांतरण के विरुद्ध भगवान बिरसा मुंडा का संघर्ष और जनजातीय गौरव की रक्षा के प्रति उनका समर्पण आज भी करोड़ों देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनके विचार और आदर्श वर्तमान पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहने तथा समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी निभाने की प्रेरणा देते हैं।
उन्होंने ‘धरती आबा’ भगवान बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि पर उन्हें कोटि-कोटि नमन करते हुए कहा कि राष्ट्र उनके बलिदान, संघर्ष और योगदान को सदैव स्मरण रखेगा।-------------
हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे