तेलंगाना के भूमि रिकॉर्ड उप निदेशक के बैंक लॉकर से 1.5 करोड़ रुपये नकद बरामद, सौ करोड़ से अधिक संपत्ति की आशंका
हैदराबाद, 20 जून (हि.स.)। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने आय से अधिक संपत्ति मामले की जांच के दौरान तेलंगाना के सर्वेक्षण एवं भूमि रिकॉर्ड विभाग, मल्टी-ज़ोन-II के उप निदेशक सुनकारी नरहरी राव के बैंक लॉकर से 1.50 करोड़ रुपये नकद बरामद किए हैं। एसीबी की इस कार्रवाई के बाद मामले ने और गंभीर रूप ले लिया है तथा जांच एजेंसी को आरोपित अधिकारी के पास घोषित आय से कहीं अधिक संपत्ति होने के संकेत मिले हैं।
एसीबी अधिकारियों के अनुसार, शनिवार को जांच दल नरहरी राव को हैदराबाद के शालीबंडा स्थित एक बैंक में लेकर पहुंचा। वहां उनके नाम से संचालित लॉकर को विधिवत खोला गया। लॉकर की तलाशी के दौरान उसमें रखी 1.50 करोड़ रुपये की नकदी बरामद हुई। बरामद राशि को जब्त कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
उल्लेखनीय है कि एसीबी ने 16 जून को नरहरी राव को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद एजेंसी ने उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति (डिसप्रोपोर्शनट एसेट्स) का मामला दर्ज करते हुए व्यापक जांच शुरू की। इसी क्रम में मंगलवार को हैदराबाद और आसपास के क्षेत्रों में उनसे जुड़े 10 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई थी।
तलाशी अभियान के दौरान जांच एजेंसी को बड़ी मात्रा में चल और अचल संपत्तियों से संबंधित दस्तावेज मिले। प्रारंभिक जांच में हैदराबाद तथा उसके आसपास के इलाकों में कई महंगे भूखंडों, फ्लैटों और अन्य संपत्तियों का पता चला है। इसके अलावा बड़ी मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण, निवेश संबंधी कागजात तथा अन्य वित्तीय दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं।
एसीबी के अधिकारियों का कहना है कि अब तक की जांच में नरहरी राव से जुड़ी 30 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियों का पता चल चुका है। हालांकि बैंक लॉकर से नकदी बरामद होने और विभिन्न दस्तावेजों के गहन परीक्षण के बाद यह आशंका जताई जा रही है कि उनकी कुल संपत्ति का मूल्य 100 करोड़ रुपये से भी अधिक हो सकता है। एजेंसी संपत्तियों के वास्तविक मूल्यांकन और उनके स्रोतों की जांच कर रही है।
जांच अधिकारियों के अनुसार बरामद दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि संपत्तियां किस प्रकार अर्जित की गईं और क्या इनमें किसी बेनामी निवेश या अन्य व्यक्तियों की भूमिका भी शामिल है। इसके लिए बैंक खातों, निवेश रिकॉर्ड और संपत्ति खरीद-फरोख्त से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।
एसीबी ने कहा है कि मामले की जांच अभी जारी है और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एजेंसी का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।------------
हिन्दुस्थान समाचार / Dev Kumar Pukhraj