‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत भाजपा ने रांची में निकाली पदयात्रा

 






- एसआईआर के समर्थन में मोरहाबादी से बिरसा मुंडा स्मृति संग्रहालय तक मार्च- जुएल उरांव, गजेंद्र पटेल, बाबूलाल मरांडी और अर्जुन मुंडा समेत कई नेता हुए शामिल

रांची, 02 नवंबर (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत सोमवार को राजधानी रांची में पदयात्रा निकाली। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के समर्थन और इसे लेकर कांग्रेस एवं इंडी गठबंधन की ओर से कथित तौर पर फैलाए जा रहे भ्रम के विरोध में आयोजित इस पदयात्रा में केंद्रीय मंत्री एवं कार्यक्रम प्रभारी जुएल उरांव, भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री सह झारखंड प्रदेश प्रभारी गजेंद्र सिंह पटेल, प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। पदयात्रा में हजारों की संख्या में कार्यकर्ताओं ने भी हिस्सा लिया। इस दौरान कांग्रेस और इंडी गठबंधन के खिलाफ नारेबाजी की गई।

पदयात्रा मोरहाबादी मैदान स्थित बापू वाटिका से शुरू हुई। यहां से कार्यकर्ताओं का समूह कचहरी चौक होते हुए जेल मोड़ स्थित भगवान बिरसा मुंडा स्मृति संग्रहालय पहुंचा। कार्यक्रम का समापन संग्रहालय परिसर में धरती आबा की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुआ।

कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री जुएल उरांव ने कांग्रेस, राहुल गांधी और विपक्षी दलों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष को लोकतांत्रिक व्यवस्था और चुनाव प्रक्रिया पर भरोसा नहीं है। प्रधानमंत्री बनना है तो संसद का चुनाव जीतकर और जनता का जनादेश प्राप्त कर आना होगा। मॉक पार्लियामेंट आयोजित करने से कोई प्रधानमंत्री नहीं बन जाता। उन्होंने कहा कि कांग्रेस विधान परिषद चुनाव में भी बेनकाब हो चुकी है। यह चुनाव बैलेट पेपर से हुआ, इसके बावजूद जनता ने कांग्रेस को नकार दिया।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस संसद, उच्चतम न्यायालय और चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने का प्रयास कर रही है। उसकी राजनीति देश में भ्रम और अराजकता फैलाने पर केंद्रित हो गई है। ईवीएम पर सवाल उठाने वाले इंडी गठबंधन को बताना चाहिए कि इसी ईवीएम से चुनाव जीतकर उसके दलों के नेता झारखंड सहित अन्य राज्यों में मुख्यमंत्री बने हैं। फिर चुनाव प्रणाली के खिलाफ दिल्ली में प्रदर्शन क्यों किया जा रहा है?

उरांव ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल भारत में बांग्लादेश, नेपाल और श्रीलंका जैसी राजनीतिक अस्थिरता की स्थिति पैदा करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि भारत का लोकतंत्र मजबूत है और यहां की जनता लोकतांत्रिक व्यवस्था में विश्वास करती है। देश की जनता अराजकता नहीं, बल्कि विकास चाहती है। ऐसी सोच रखने वाले राजनीतिक दलों को जनता सत्ता से बाहर करेगी।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राज्य में मंईयां सम्मान योजना विफल साबित हो रही है और सरकार को जनता के सवालों का जवाब देना होगा। उन्होंने दावा किया कि हेमंत सरकार 2029 में अपनी करनी के कारण ही सत्ता से बाहर होगी।

भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री सह प्रदेश प्रभारी गजेंद्र सिंह पटेल ने कहा कि देश में अराजकता फैलाने वाली ताकतों के खिलाफ पार्टी कार्यकर्ता एकजुट होकर लोकतंत्र की रक्षा का संकल्प ले रहे हैं। एसआईआर की आवश्यकता बताते हुए उन्होंने कहा कि देश में अब तक 12 बार विशेष गहन पुनरीक्षण हो चुका है, जिनमें 10 बार कांग्रेस के नेतृत्व में यह प्रक्रिया हुई। उस समय कांग्रेस ने इसका विरोध नहीं किया। अब जब मतदाता सूची से मृत और अवैध मतदाताओं के नाम हटाने की प्रक्रिया चल रही है, तो कांग्रेस विरोध कर रही है।

पटेल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस चाहती है कि अवैध मतदाताओं और घुसपैठियों के नाम मतदाता सूची में बने रहें, जिससे कि उसे चुनावी लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि एसआईआर की प्रक्रिया स्वतंत्र और पारदर्शी तरीके से चल रही है। इसमें सभी राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) शामिल हैं। उन्होंने दावा किया कि किसी भी वैध मतदाता का नाम नहीं कटेगा। नए मतदाताओं के नाम जोड़े जा रहे हैं और मृत एवं अवैध मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि कांग्रेस ने अपने 65 वर्षों के शासनकाल में देश की चिंता करने के बजाय सत्ता और परिवारवाद को प्राथमिकता दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 140 करोड़ देशवासियों के कल्याण और विकास के लिए लगातार काम कर रहे हैं।

साहू ने आरोप लगाया कि कांग्रेस को एक गरीब परिवार से निकले व्यक्ति का प्रधानमंत्री बनना बर्दाश्त नहीं हो रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री की दिवंगत माता-पिता के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां की जा रही हैं। कांग्रेस वोट चोरी का आरोप लगाकर एसआईआर का विरोध कर रही है। जिन राज्यों में कांग्रेस की सरकार है, वहां ईवीएम पर सवाल नहीं उठाए जाते, जबकि राजनीतिक लाभ नहीं मिलने पर चुनावी व्यवस्था और संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल खड़े किए जाते हैं। उन्होंने सवाल किया कि यदि चुनावी व्यवस्था में गड़बड़ी होती, तो झारखंड में भाजपा की सरकार क्यों नहीं बनती?

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि देश के प्रमुख विपक्षी दल के नेता राहुल गांधी अराजकता का माहौल बनाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस, राहुल गांधी, वंशवादी राजनीति, नक्सली विचारधारा और घुसपैठ देश के लोकतंत्र के लिए खतरा हैं। जनता को इन खतरों से अवगत कराना भाजपा का दायित्व है।

मरांडी ने कहा कि यह पदयात्रा कांग्रेस और विपक्षी दलों के कथित लोकतंत्र विरोधी रवैये को उजागर करने के लिए आयोजित की गई है। उनके अनुसार, विपक्ष स्वस्थ और पारदर्शी लोकतांत्रिक व्यवस्था नहीं चाहता, इसलिए एसआईआर का विरोध कर रहा है।

प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि देश की जनता राष्ट्रविरोधी ताकतों को जवाब दे रही है। राष्ट्र सेवा भाजपा कार्यकर्ताओं का मूल सिद्धांत है। उन्होंने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ता उन महापुरुषों और वीर सपूतों के वंशज हैं, जिनके पूर्वजों ने देश की आजादी और अस्मिता की रक्षा के लिए संघर्ष किया। राष्ट्र की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता प्रतिबद्ध है।

जमशेदपुर पूर्व से विधायक सरयू राय ने इस मौके पर कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) लोकतांत्रिक तरीके से राजनीति करने वाला गठबंधन है, जबकि विपक्ष लोकतांत्रिक और संसदीय मर्यादाओं का लगातार उल्लंघन कर रहा है। मॉक पार्लियामेंट पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि निर्वाचित नेताओं के घरों में मॉक पार्लियामेंट आयोजित कर संसद और लोकतंत्र का मजाक उड़ाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि राजनीति में विरोध की एक मर्यादा होती है, लेकिन मौजूदा विपक्ष इन सीमाओं को पार कर रहा है।

राय ने आरोप लगाया कि देश में नेपाल और बांग्लादेश जैसी अराजकता फैलाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि जनता विपक्ष की राजनीति को समझ रही है और घुसपैठ एवं आंतरिक सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दों पर विपक्ष का रवैया दुर्भाग्यपूर्ण है।

पदयात्रा में रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र राय, दीपक प्रकाश, प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय, प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद, विधायक सीपी सिंह, मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल, बालमुकुंद सहाय, भानु प्रताप शाही, महामंत्री मनोज सिंह, सुनीता सिंह, अमित सिंह, दीपक बंका और हेमंत दास सहित हजारों नेता एवं कार्यकर्ता शामिल हुए।

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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे