सक्षम, सशक्त और भेदमुक्त हिन्दू समाज का निर्माण राष्ट्रीय आवश्यकता : अम्बरीष

 








रांची, 04 अक्टूबर (हि.स.)। विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) के केंद्रीय संगठन मंत्री अम्बरीष ने कहा कि दिवंगत अशोक सिंघल ने हिन्दू समाज के सांस्कृतिक नवजागरण और श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन को जन-जन तक पहुंचाने के लिए अपना संपूर्ण जीवन राष्ट्र एवं हिन्दू समाज की सेवा में समर्पित कर दिया। अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण, जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 की समाप्ति और श्रीराम सेतु की रक्षा जैसे उनके अनेक संकल्प साकार हुए हैं। उनके शेष संकल्पों को पूरा करने और विश्व पटल पर भारत को नेतृत्वकारी भूमिका में स्थापित करने के लिए समाज के सभी वर्गों को मिलकर कार्य करना होगा।

अम्बरीष रविवार को धुर्वा स्थित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर सभागार में विश्व हिन्दू परिषद, झारखंड प्रांत की ओर से आयोजित अशोक सिंघल जन्म शताब्दी समारोह के प्रथम प्रांत स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

कार्यक्रम का शुभारंभ श्रीराम दरबार और भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन से हुआ। श्रद्धेय अशोक सिंघल के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।

अम्बरीष ने अपने संबोधन में कहा कि आगरा के एक प्रतिष्ठित एवं संपन्न परिवार में जन्मे अशोक सिंघल ने बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय से इंजीनियरिंग की शिक्षा प्राप्त करने के बाद सुख-सुविधाओं से भरा गृहस्थ जीवन चुनने के बजाय राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्णकालिक कार्यकर्ता के रूप में अपना जीवन राष्ट्र, हिन्दू समाज, हिन्दू दर्शन और संस्कृति के लिए समर्पित कर दिया। उनका जीवन त्याग, तपस्या और संगठन साधना का उदाहरण रहा।

उन्होंने कहा कि अशोक सिंघल केवल श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन तक सीमित नहीं थे, बल्कि उन्होंने धर्मांतरण के विरुद्ध जनजागरण, जनजातीय क्षेत्रों में एकल विद्यालयों की स्थापना, गोरक्षा, गंगा संरक्षण, वेद सम्मेलन, वेद पाठशालाओं की स्थापना और सामाजिक समरसता के लिए संत रविदास यात्रा तथा एकात्मता यात्रा जैसे अनेक कार्यों को गति दी। हिन्दू-बौद्ध सम्मेलन के माध्यम से वैश्विक स्तर पर हिन्दू समाज की एकता और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने का भी प्रयास किया। बजरंग दल, दुर्गा वाहिनी और मातृशक्ति जैसे संगठनों के माध्यम से युवा एवं महिला शक्ति को संगठित करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।

अम्बरीष ने कहा कि हिन्दू जीवन मूल्य विश्व को सही दिशा और स्थायी शांति प्रदान कर सकते हैं। आवश्यकता है कि सक्षम, सशक्त, संगठित और भेदमुक्त हिन्दू समाज का निर्माण किया जाए। जातिगत और सामाजिक विभेद को समाप्त कर सभी वर्गों को साथ लेकर आगे बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि गुलामी के प्रतीक चिन्हों को हटाने और भारत की सांस्कृतिक विरासत को पुनर्स्थापित करने की दिशा में कार्य करना ही अशोक सिंघल को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

अशोक सिंघल का जीवन प्रेरणादायी और अनुकरणीय : सच्चिदानंद

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, झारखंड प्रांत के संघचालक सच्चिदानंद लाल अग्रवाल ने कहा कि अशोक सिंघल ने हिन्दू समाज और हिन्दू राष्ट्र के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका संपूर्ण जीवन समाज और राष्ट्र के प्रति समर्पण का प्रेरणादायी उदाहरण है।

संस्कारवान युवा पीढ़ी के निर्माण पर जोर : पद्मश्री महावीर नायक

विशिष्ट अतिथि पद्मश्री महावीर नायक ने कहा कि भारत ऋषि-मुनियों की भूमि है और गुरु-शिष्य परंपरा ने सदियों से समाज को संस्कार एवं ज्ञान दिया है। उन्होंने युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और संस्कारों से जोड़कर राष्ट्र निर्माण की दिशा में आगे बढ़ाने की आवश्यकता बताई।

जाति-वर्ग के भेद से ऊपर उठे हिन्दू समाज : चन्द्रकांत रायपत

विहिप झारखंड प्रांत के अध्यक्ष चन्द्रकांत रायपत ने कहा कि हिन्दू समाज को जागरूक और संगठित करने की आवश्यकता है। जाति और वर्ग के आधार पर विभाजन से ऊपर उठकर सामाजिक समरसता को मजबूत करना होगा। उन्होंने मातृशक्ति और युवा शक्ति को समाज निर्माण में अग्रणी भूमिका देने पर भी जोर दिया।

झारखंड में 27 सितंबर से शुरू हुआ जन्म शताब्दी समारोह : मिथिलेश्वर मिश्र

विहिप झारखंड प्रांत के महामंत्री मिथिलेश्वर मिश्र ने अशोक सिंघल के जीवन एवं कार्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि झारखंड में जन्म शताब्दी समारोह का शुभारंभ 27 सितंबर से हो चुका है। देश के 47 से अधिक स्थानों पर अब तक जन्म शताब्दी समारोह के तहत कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। रांची में आयोजित कार्यक्रम झारखंड का पहला राज्य स्तरीय समारोह है।

इस अवसर पर श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने वाले कारसेवकों को सम्मानित किया गया। समारोह में अशोक सिंघल के जीवन, संघर्ष, संगठन क्षमता और हिन्दू समाज के प्रति उनके योगदान को स्मरण किया गया।

कार्यक्रम को स्वामी श्री कृष्ण चैतन्य ब्रह्मचारी सहित अन्य अतिथियों ने भी संबोधित किया। समापन पूर्णता मंत्र और वंदे मातरम के गायन के साथ हुआ।

समारोह में संकट मोचन हनुमान मंदिर के महंत स्वामी केशव महाराज, विहिप पटना एवं गुवाहाटी क्षेत्र के धर्माचार्य प्रमुख वीरेन्द्र बिमल, पटना क्षेत्र मंत्री डॉ. वीरेन्द्र साहू, विहिप झारखंड प्रांत उपाध्यक्ष गंगा प्रसाद यादव, प्रांत सह मंत्री मनोज पोद्दार, प्रांत संगठन मंत्री चितरंजन कुमार, सुनील गुप्ता, रामस्वरूप रूंगटा, डॉ. एच.पी. नारायण, स्वामी दिव्यानंद, पूर्व सांसद प्रो. यदुनाथ पांडेय सहित झारखंड के विभिन्न जिलों से विहिप के पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे