लापता अंश–अंशिका के परिजनों से मिलीं केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी, पुलिस की कार्यशैली पर उठाए सवाल

 


रांची, 12 जनवरी (हि.स.)। राजधानी रांची के धुर्वा इलाके से लापता हुए मासूम भाई-बहन अंश और अंशिका के मामले में सोमवार को केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी पीड़ित परिवार के आवास पर पहुंचीं और परिजनों से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।

मंत्री ने बच्चों के माता-पिता से विस्तार से बातचीत करते हुए उनकी पीड़ा को गंभीरता से सुना। इस दौरान बच्चों की मां भावुक हो गईं और अपने दोनों बच्चों की जल्द से जल्द सकुशल बरामदगी की गुहार लगाई। केंद्रीय मंत्री ने परिजनों को ढांढस बंधाते हुए हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया।

मुलाकात के दौरान अन्नपूर्णा देवी ने झारखंड की पुलिस महानिदेशक तदाशा मिश्रा से दूरभाष पर बातचीत की और बच्चों की मां व परिवारजनों की बात सीधे डीजीपी तक पहुंचाई, ताकि मामले में उच्च स्तर पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे आपसी समन्वय के साथ काम करते हुए बच्चों को शीघ्र और सुरक्षित बरामद करें।

इस दौरान अन्नपूर्णा देवी ने स्थानीय पुलिस की भूमिका पर नाराजगी भी जताई और कहा कि यदि घटना के पहले 24 घंटे में पुलिस ने तत्परता दिखाई होती, तो आज हालात इतने गंभीर नहीं होते। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि लापरवाही किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए।

केंद्रीय मंत्री ने यह भी सवाल उठाया कि जिस स्थान से बच्चे लापता हुए, वहां से कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर राज्य का पुलिस मुख्यालय स्थित है। साथ ही मुख्यमंत्री और राज्य के मंत्री भी पास में ही कार्य करते हैं। इसके बावजूद इतनी गंभीर घटना का समय रहते संज्ञान न लिया जाना, राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े करता है।

इस मौके पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी भी उपस्थित रहे। सभी ने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए बच्चों की सुरक्षित वापसी की कामना की।-------------

हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे