पश्चिम एशिया के हालात वैश्विक शांति के लिए खतरा, यूएन निभाए अहम भूमिका : मदनी

 


नई दिल्ली, 02 मार्च (हि.स.)। जमीअत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद असद मदनी ने पश्चिम एशिया की अत्यंत विस्फोटक और चिंताजनक स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि अमेरिका और इजराइल की आक्रामक तथा उकसाने वाली कार्रवाइयों ने न केवल क्षेत्रीय शांति को गंभीर रूप से प्रभावित किया है, बल्कि वैश्विक स्थिरता को भी बड़े खतरे में डाल दिया है।

मौलाना मदनी ने ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई तथा उनके परिजनों और सहयोगियों के निधन पर गहरा दुख और शोक व्यक्त करते हुए कहा कि किसी देश की नेतृत्व व्यवस्था को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय सिद्धांतों और समझौतों के विरुद्ध है और दुनिया को बर्बरता की ओर धकेलने के समान है। उन्होंने कहा कि जमीअत उलमा-ए-हिंद ईरान की जनता के दुख में बराबर की सहभागी है। साथ ही मौलाना मदनी ने ईरान की ओर से क्षेत्र के अन्य देशों में की जा रही कार्रवाइयों पर भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान परिस्थिति शांति, एकता और आपसी समन्वय की तत्काल मांग करती है।

मौलाना मदनी ने स्पष्ट किया कि किसी भी राजनीतिक या अंतरराष्ट्रीय विवाद का समाधान हत्या और रक्तपात से नहीं हो सकता। शक्ति के बल पर अपनी बात मनवाने की कोशिशें केवल घृणा, प्रतिशोध और मानवीय त्रासदियों को जन्म देती हैं। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वह तत्काल युद्धविराम, तनाव में कमी और सार्थक कूटनीतिक वार्ता सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय और प्रभावी भूमिका निभाएं, ताकि क्षेत्र को और अधिक विनाश से बचाया जा सके। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि विश्व शक्तियों ने समय रहते बुद्धिमत्ता, न्याय और कूटनीतिक संतुलन का परिचय नहीं दिया, तो इसके दुष्परिणाम किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेंगे।

मौलाना महमूद असद मदनी ने कहा कि जमीयत उलमा-ए-हिंद हर उस कदम का विरोध करती है, जो दुनिया को अमानवीय युद्ध और अस्थिरता की ओर धकेलता हो। उन्होंने कहा कि तत्काल युद्धविराम और बातचीत के माध्यम से विवादों का शांतिपूर्ण समाधान निकालना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मोहम्मद शहजाद