सूरत में ‘जमनाबा विद्यार्थी भवन’ का लोकार्पण, 1000 विद्यार्थियों को मिलेगी आधुनिक शिक्षा और संस्कारयुक्त आवास सुविधा

 


सूरत, 24 मई (हि.स.)। सूरत के वालक पाटिया स्थित मणिबेन चौक में श्री सौराष्ट्र पटेल सेवा समाज-सुरत द्वारा निर्मित भव्य ‘जमनाबा विद्यार्थी भवन’ का सोमवार को मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के हाथों लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर उपमुुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने 31 फीट ऊंची और 9 टन वजनी सरदार वल्लभभाई पटेल की पंचधातु प्रतिमा का अनावरण किया। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया, राज्यसभा सांसद गोविंद ढोलकिया सहित बड़ी संख्या में सामाजिक, राजनीतिक और औद्योगिक क्षेत्र के अग्रणी उपस्थित रहे।

नवनिर्मित छात्र भवन में 1000 विद्यार्थियों के लिए रहने और अध्ययन की आधुनिक व्यवस्था की गई है। यहां कृत्रिम बुद्धिमत्ता अनुसंधान प्रयोगशाला, अत्याधुनिक पुस्तकालय तथा संस्कारयुक्त वातावरण उपलब्ध कराया गया है। साथ ही परिसर में ‘स्वर्गीय केशुभाई पटेल सभागार’ का उद्घाटन भी किया गया। भवन के प्रवेश द्वार पर 51 फीट ऊंचे स्तंभ पर राष्ट्रध्वज फहराया गया।

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि पाटीदार समाज ने खेती से लेकर पंचायत और संसद तक हर क्षेत्र में अपनी मेहनत और प्रतिभा से अलग पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि सूरत को विश्वस्तरीय हीरा, वस्त्र और निर्माण केंद्र बनाने में पाटीदार समाज का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने समाज की दानशीलता और शिक्षा के प्रति समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि जिस समाज ने शिक्षा को प्राथमिकता दी, उसने हमेशा प्रगति और समृद्धि की नई ऊंचाइयों को हासिल किया है।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प का उल्लेख करते हुए लोगों से पेट्रोल, पानी, बिजली और अन्य संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग को जीवनशैली बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि समाज और सरकार मिलकर कार्य करें तो विकास को नई गति मिल सकती है।

हर्ष संघवी ने कहा कि सौराष्ट्र और गुजरात के ग्रामीण क्षेत्रों से सुरत पढ़ने आने वाले सामान्य परिवारों के विद्यार्थियों के लिए यह भवन वरदान साबित होगा। इससे युवाओं को महंगे किराए के मकानों में रहने की जरूरत नहीं पड़ेगी और उन्हें परिवार जैसे संस्कारयुक्त वातावरण में शिक्षा प्राप्त होगी। उन्होंने मोबाइल और सामाजिक माध्यमों के बढ़ते प्रभाव पर चिंता जताते हुए दादा-दादियों से बच्चों को मैदान और मंदिर की ओर प्रेरित करने की अपील की।

केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि यह भवन केवल छात्रावास नहीं बल्कि संस्कार और राष्ट्रभक्ति का केंद्र बनेगा। उन्होंने युवाओं से सरदार पटेल के आदर्शों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। कार्यक्रम में कृषि मंत्री जीतुभाई वाघाणी, राज्य मंत्री कौशिक वेकरिया, प्रफुलभाई पानशेरिया समेत अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / यजुवेंद्र दुबे