चुनावी प्रक्रिया में जनता का भरोसा बहाल किया जाए: जमाअत-ए-इस्लामी हिंद

 


नई दिल्ली, 05 नवंबर (हि.स.)। जमाअत-ए-इस्लामी हिंद के नेताओं ने एसआईआर प्रक्रिया के बाद मतदाता सूची में अनियमित्ताओं की आशंकाओं की ओर इशारा करते हुए कहा कि इन मतदाता सूचियों के आधार पर आगामी विधानसभा चुनाव नहीं कराए जाने चाहिए।

एसआईआर और आगामी विधानसभा चुनावों पर बात करते हुए जमाअत-ए-इस्लामी हिंद के उपाध्यक्ष प्रो. सलीम इंजीनियर एवं एपीसीआर के सचिव नदीम खान ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता और ईमानदारी तथा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के आचरण को लेकर गंभीर आशंकाएं हैं। अगर उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में होने वाले विधानसभा चुनाव इन चिंताओं को दूर किए बिना कराए जाते हैं तो यह पिछले चुनावों की ही पुनरावृत्ति होगी जिसमें लाखों योग्य मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग नहीं कर पाए थे।

जमाअत-ए-इस्लामी हिंद के उपाध्यक्ष प्रो. सलीम इंजीनियर ने कहा कि जमाअत राजनीतिक प्रतिशोध के लिए आपराधिक कार्यवाही और जांच एजेंसियों के इस्तेमाल की कड़ी निंदा करती है। ऐसी प्रथाएं संस्थानों में जनता के विश्वास को कमजोर करती हैं।

प्रो. सलीम इंजीनियर ने सर्दी के संबंध में तैयारियों और प्रदूषण नियंत्रण को लेकर भारत सरकार और राज्य सरकारों से आग्रह किया है कि आने वाली सर्दियों में लोगों को बचाने के लिए समय रहते उचित कदम उठाएं। सरकार रैन बसेरों का विस्तार करे और उनमें सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराए, लोगों तक गर्म कंबल और कपड़े पहुंचाए, उन्हें गर्म भोजन दे और अधिक जोखिम वाले इलाकों में मोबाइल स्वास्थ्य इकाइयां स्थापित करे।

जमाअत-ए-इस्लामी हिंद के नेताओं की ओर से खतरनाक वायु प्रदूषण को रोकने के उपाय करने, निर्माण कार्य से उड़ने वाली धूल और कचरा जलाने के खिलाफ सख्ती बरतने तथा प्रभावित क्षेत्रों में प्रदूषण नियंत्रण के लिए समन्वित कदम उठाने की भी मांग की गयी। उन्होंने कहा कि प्रदूषण के खतरनाक स्तर तक पहुँचने से पहले ही बच्चों, बुजुर्गों और पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों के लिए सार्वजनिक जानकारी, निगरानी और स्वास्थ्य सुरक्षा के इंतजाम होने चाहिए।

हिन्दुस्थान समाचार/ मोहम्मद ओवैस

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