बुंदेलखंड की जल सहेलियाें की जालौन से दिल्ली तक अविरल यमुना पदयात्रा 29 से हाेगी शुरू
बुंदेलखंड नदी संरक्षण का देशव्यापी संदेश
झांसी, 28 जनवरी (हि.स.)। जल संरक्षण और नदी पुनर्जीवन के क्षेत्र में कार्यरत बुंदेलखंड की जल सहेलियां 29 जनवरी से अविरल–निर्मल यमुना यात्रा का शुभारंभ करेंगी। यह लगभग 500 किलोमीटर की पदयात्रा उत्तर प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली के कई गांवों, कस्बों और शहरों से होते हुए दिल्ली के वासुदेव घाट पर समाप्त होगी।
बुधवार को यहां वीरांगना सभागार में पत्रकार वार्ता के दौरान जल सहेली समिति की उपाध्यक्ष रेखा ने बताया कि 29 जनवरी से अविरल–निर्मल यमुना यात्रा का शुरू होगी। इसमें बुंदेलखंड की जल सहेलियां लगभग 500 किलोमीटर की पदयात्रा कर उत्तर प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली के कई गांवों, कस्बों और शहरों से होते हुए दिल्ली के वासुदेव घाट पहुंचेंगी। यात्रा की शुरुआत पचनदा (जालौन) से होगी, जो यमुना, चंबल, सिंध, पहुज और कुंवारी नदियों के संगम के लिए पवित्र स्थल है। उन्होंने बताया कि इस यात्रा के शुभारंभ कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के अलावा मध्य प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल शामिल होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता जल पुरुष राजेंद्र सिंह करेंगे।
जल सहेली समिति की सदस्य शिवानी सिंह और मंजूलता ने बताया कि बुंदेलखंड के विभिन्न जिलों की जल सहेलियां सक्रिय रूप से इस यात्रा में भाग लेंगी। यात्रा के दौरान यमुना नदी की अविरलता, निर्मलता और जल संरक्षण के महत्व पर जनसंवाद किया जाएगा। घरेलू सीवेज, औद्योगिक अपशिष्ट, प्लास्टिक कचरा, अतिक्रमण और घटते प्राकृतिक प्रवाह जैसी समस्याओं पर समाधान आधारित चर्चा होगी।
जल सहेली चांदनी ने बताया कि इस पहल का एक प्रमुख उद्देश्य युवाओं और महिलाओं को नदी से भावनात्मक एवं सांस्कृतिक रूप से जोड़ना है। यात्रा के दौरान समुदायों में नदी संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ेगी, प्रदूषित स्थलों की पहचान होगी और भविष्य की कार्ययोजनाओं के लिए सुझाव एवं दस्तावेज तैयार किए जाएंगे। यह पदयात्रा बुंदेलखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए महिला नेतृत्व में नदी पुनर्जीवन का एक प्रेरक और अनुकरणीय मॉडल प्रस्तुत करेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / महेश पटैरिया