मप्र: चपरासी से सहायक ग्रेड-2 बने कर्मचारी के ठिकानों पर छापा, 6.43 करोड़ की संपत्ति का खुलासा

 




जबलपुर, 08 अगस्त (हि.स.)। आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में जबलपुर लोकायुक्त पुलिस ने शनिवार तड़के 5:30 बजे बड़ी कार्रवाई करते हुए सिवनी में पदस्थ सहायक ग्रेड-2 कर्मचारी सुभाष शर्मा के जबलपुर स्थित मकान और पाटन क्षेत्र स्थित फार्म हाउस समेत कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की।

लोकायुक्त की अलग-अलग टीमों ने सुबह से दस्तावेज, जमीनों के रिकॉर्ड, मकान और अन्य संपत्तियों से जुड़े कागजात खंगालना शुरू किया। प्रारंभिक जांच में आरोपित के साथ उसकी पत्नी के नाम कई कृषि भूमि, शहरी क्षेत्रों में प्लॉट और मकान की जानकारी सामने आई है।

लोकायुक्त के मुताबिक, जांच में अब तक सुभाष शर्मा की कुल अर्जित आय की तुलना में करीब 543.19 प्रतिशत अनुपातहीन संपत्ति सामने आने की बात कही गई है। प्रारंभिक आकलन में संपत्तियों और किए गए व्यय का मूल्य करीब 6 करोड़ 43 लाख रुपए आंका गया है। हालांकि लोकायुक्त की कार्रवाई अभी जारी है और अंतिम संपत्ति मूल्यांकन तथा जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी। कार्रवाई के दाैरान घर के बाहर पुलिस तैनात की गई है।

सिवनी में पदस्थ है सहायक ग्रेड-2 कर्मचारी

लोकायुक्त डीएसपी रेखा प्रजापति ने बताया कि सुभाष शर्मा पुत्र रवि शर्मा वर्तमान में क्षेत्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज प्रशिक्षण केंद्र, सिवनी में सहायक ग्रेड-2 के पद पर पदस्थ हैं। उसका जबलपुर के राजीव गांधी वार्ड स्थित अंबेडकर कॉलोनी में निवास है। लोकायुक्त को सुभाष शर्मा के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत मिली थी। शिकायत का निरीक्षक जितेंद्र यादव द्वारा सत्यापन कराया गया। सत्यापन में शिकायत प्रथम दृष्टया सही पाए जाने के बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 13(1)(बी) और 13(2) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।

दो टीमों ने अलग-अलग ठिकानों पर दी दबिश

कार्रवाई के लिए लोकायुक्त ने अलग-अलग टीमें गठित की थीं। डीएसपी रेखा प्रजापति के नेतृत्व में निरीक्षक जितेंद्र यादव, राहुल गजभिए और शशि मस्कुले की टीम ने जबलपुर स्थित आवास पर कार्रवाई की। वहीं, डीएसपी नीतू त्रिपाठी के नेतृत्व में दूसरी टीम पाटन तहसील क्षेत्र के लोहारी गांव स्थित फार्म हाउस पहुंची और संपत्तियों की जांच में जुटी है। लोकायुक्त की टीमें जमीनों के दस्तावेज, रजिस्ट्री, निर्माण से संबंधित रिकॉर्ड और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की जांच कर रही हैं। अधिकारियों के अनुसार कार्रवाई पूरी होने के बाद संपत्तियों और व्यय का विस्तृत मूल्यांकन किया जाएगा।

पत्नी के नाम लाखों-करोड़ों की जमीन और प्लॉट

प्रारंभिक जांच में सुभाष शर्मा की पत्नी शीला शर्मा के नाम कई संपत्ति होने की जानकारी सामने आई है। लोकायुक्त के प्रारंभिक आकलन के अनुसार लोहारी, तहसील पाटन में शीला शर्मा के नाम कई कृषि भूमि खरीदी गई है। इनकी अनुमानित कीमत करीब 1.11 करोड़ रुपए बताई गई है।

वहीं मुरगवां, तहसील पाटन में पत्नी के नाम भूमि जिसकी अनुमानित कीमत करीब 25.91 लाख रुपए और गोहलपुर, तहसील आधारताल में कई प्लॉट इनकी अनुमानित कीमत करीब 47.48 लाख रुपए आंकी गई है। इसके अलावा करमेता, तहसील आधारताल में पत्नी के नाम करीब 4,581 वर्गफुट भूमि खरीदे जाने की जानकारी मिली है। इसकी अनुमानित कीमत करीब 2.88 करोड़ रुपए बताई गई है।

अंबेडकर कॉलोनी में दो मंजिला मकान

जबलपुर की अंबेडकर कॉलोनी में शीला शर्मा के नाम दो मंजिला पक्का मकान है। करीब 2,800 वर्गफुट भू-भाग में बने इस मकान में भूतल पर करीब 2,800 वर्गफुट और प्रथम तल पर करीब 2,000 वर्गफुट निर्माण बताया गया है। कुल निर्माण क्षेत्र करीब 4,800 वर्गफुट है। लोकायुक्त के प्रारंभिक आकलन में इसकी कीमत करीब 65 लाख रुपए बताई गई है। इसके अलावा पारस कॉलोनी, जबलपुर में भी शीला शर्मा के नाम करीब 1,500 वर्गफुट में निर्मित दो मंजिला पक्का मकान होने की जानकारी मिली है। इसकी अनुमानित कीमत करीब 10 लाख रुपए बताई गई है। पाटन तहसील के ग्राम लोहारी में शीला शर्मा के नाम फार्म हाउस होने की जानकारी सामने आई है। यहां करीब 3,000 वर्गफुट में पक्का निर्माण बताया गया है। लोकायुक्त के प्रारंभिक आकलन के अनुसार इसकी निर्माण लागत करीब 52 लाख रुपए है।

लोकायुक्त की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सेवा अवधि के दौरान सुभाष शर्मा को वेतन से करीब एक करोड़ रुपए की आय हुई। वहीं, अब तक सामने आई संपत्तियों और किए गए व्यय का प्रारंभिक मूल्यांकन करीब 6 करोड़ 43 लाख रुपए किया गया है। इसी आधार पर आय की तुलना में अनुपातहीन संपत्ति का आंकड़ा 543.19 प्रतिशत बताया गया है। हालांकि, लोकायुक्त की कार्रवाई अभी पूरी नहीं हुई है। जांच आगे बढ़ने के साथ संपत्ति और निवेश से जुड़ी अन्य जानकारियां सामने आने की संभावना है।

चपरासी से सहायक ग्रेड-2 तक पहुंचा कर्मचारी

लाेकायुक्त की जांच में पता चला है कि सुभाष शर्मा ने सरकारी सेवा में चपरासी के पद से शुरुआत की थी और बाद में सहायक ग्रेड-2 के पद तक पहुंचे। हालांकि, उनकी सेवा अवधि के दौरान अर्जित आय और वर्तमान में सामने आई संपत्तियों के बीच अंतर को लेकर ही लोकायुक्त ने अनुपातहीन संपत्ति का मामला दर्ज किया है। इस पहलू से जुड़े सेवा रिकॉर्ड और आय के स्रोतों की भी जांच की जा रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे