ईरान पर इजराइल और अमेरिका के हमले से मुरादाबाद निर्यातक चिंतित
मुरादाबाद, 01 मार्च (हि.स.)। ईरान पर इजराइल और अमेरिका के हमले के बाद मुरादाबाद के हस्तशिल्प उत्पाद के
करीब 2500 निर्यातक चिंतित हैं। भारतीय निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसीएच) के चेयरमैन का मानना है कि
इस हमले से निर्यातकों को करोड़ों का नुकसान उठाना पड़ेगा। अमेरिका व इजराइल और ईरान के युद्ध की वजह से फ्रैंकफुर्त मेले व दिल्ली फेयर में मिले आर्डर अब होल्ड कर दिए जाएंगे।
भारतीय निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसीएच) के चेयरमैन मुरादाबाद निवासी डॉ नीरज विनोद खन्ना ने बताया कि जिले से हर साल आठ हजार करोड़ रुपये से अधिक के हस्तशिल्प उत्पाद का निर्यात होता है। इसमें सबसे ज्यादा निर्यात अमेरिका, जापान समेत मिडिल ईस्ट देशों में होता है। उन्होंने कहा कि अगर युद्ध चलता रहा तो हस्तशिल्प उत्पाद का कारोबार प्रभावित होगा और निर्यातकों के आर्डर रुक जाएंगे। इसके साथ ही जिन आर्डरों पर खरीदारों से बातचीत चल रही है वह भी बंद हो जाएगी। इसकी वजह से आगामी आर्डर नहीं मिलेंगे। जिले के सैकड़ों निर्यातकों का 75 प्रतिशत हस्तशिल्प उत्पाद का कारोबार प्रभावित होने की संभावना रहेगी।
मुरादाबाद हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्ट एसोसिएशन के महासचिव व ईपीसीएच के संयोजक अवधेश अग्रवाल ने बताया कि पहले टैरिफ और कच्चे माल की बढ़ती कीमतों ने निर्यात को प्रभावित किया है। अब ईरान पर इजराइल और अमेरिकी हमले ने हमारी चिंता बढ़ा दी है। वर्ष 2025 में अकेले अमेरिका से आधे से अधिक निर्यात घट गया था। यह युद्ध लंबा चला तो करोड़ अरबों का निर्यात प्रभावित होगा। शिपिंग लागत में वृद्धि होगी और माल ढुलाई महंगा होगा। कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव बढ़ेगा।
जेएमडी विवेक इंटरनेशनल के विवेक अग्रवाल ने बताया कि हस्तशिल्प उत्पाद का कारोबार नाजुक होता है। विदेशों में शांति होती है तब ज्यादा से ज्यादा आर्डर मिलते हैं। थोड़ी सी हलचल निर्यात को ज्यादा प्रभावित करती है। अगर अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच युद्ध खत्म नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में फैक्टरियों में काम बंद होने शुरू हो जाएंगे। आर्डर के भुगतान में देरी होगी। अगर शिपिंग कंपनियों की माल ढुलाई का काम रुकता है तो हस्तशिल्प उत्पाद का व्यापार ज्यादा प्रभावित होगा। फ्रैंकफुर्त मेले व टर्की में जो भी आर्डर मिले हैं वह रुक जाएंगे।
हिन्दुस्थान समाचार / निमित कुमार जायसवाल