आईआरएफसी ने लगातार तीसरी तिमाही में रचा इतिहास, अब तक का सर्वाधिक लाभ दर्ज
नई दिल्ली, 19 जनवरी (हि.स.)। रेल मंत्रालय के अधीन नवरत्न सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉरपोरेशन (आईआरएफसी) ने लगातार तीसरी तिमाही में अब तक का सर्वाधिक लाभ दर्ज कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। कंपनी ने दोहरे अंकों की वृद्धि के साथ न केवल मजबूत वित्तीय प्रदर्शन किया, बल्कि महज नौ महीनों में ही 60 हजार करोड़ रुपये का वार्षिक स्वीकृति लक्ष्य भी हासिल कर लिया है।
आईआरएफसी की ओर से सोमवार को जारी बयान के अनुसार, 31 दिसंबर 2025 को समाप्त तिमाही में कंपनी का कर पश्चात लाभ (पीएटी) 1,802.19 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 10.52 प्रतिशत अधिक है। यह अब तक का सर्वाधिक तिमाही लाभ है। वहीं, चालू वित्त वर्ष के पहले नौ महीनों में पीएटी 5,324.86 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जो सालाना आधार पर 10.47 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।
तिमाही के दौरान कंपनी के शुद्ध ब्याज मार्जिन (एनआईएम) में 8 प्रतिशत से अधिक का सुधार हुआ। तीसरी तिमाही में कुल आय 6,719.23 करोड़ रुपये रही, जबकि नौ महीनों की कुल आय 20,009.38 करोड़ रुपये दर्ज की गई।
परिणामों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए आईआरएफसी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक मनोज कुमार दुबे ने कहा कि यह प्रदर्शन ‘आईआरएफसी 2.0’ के तहत मजबूत निष्पादन, विविधीकरण और तेज़ क्रियान्वयन का परिणाम है। उन्होंने बताया कि मात्र नौ महीनों में पूर्ण-वर्षीय स्वीकृति लक्ष्य हासिल होना कंपनी की मजबूत परियोजना पाइपलाइन और कुशल कार्यप्रणाली को दर्शाता है।
कंपनी का 30 हजार करोड़ रुपये का वितरण लक्ष्य भी सही दिशा में आगे बढ़ रहा है, जिसमें तीसरी तिमाही के अंत तक लगभग 75 प्रतिशत राशि वितरित की जा चुकी है। 31 दिसंबर 2025 तक आईआरएफसी का एसेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) रिकॉर्ड 4.75 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो अब तक का सर्वाधिक स्तर है। इसी अवधि में कंपनी की नेटवर्थ 56,625.41 करोड़ रुपये और वार्षिकीकृत ईपीएस 5.43 रहा।
आईआरएफसी ने हाल ही में सुमितोमो मित्सुई बैंकिंग कॉरपोरेशन से 46.458 अरब जापानी येन (लगभग 300 मिलियन अमेरिकी डॉलर) की विदेशी वाणिज्यिक उधारी सुविधा भी प्राप्त की है। कंपनी ने शून्य एनपीए की अपनी परंपरा बनाए रखी है और डीपीई से “उत्कृष्ट” प्रदर्शन रेटिंग हासिल की है।
भविष्य में आईआरएफसी को उच्च मार्जिन वाले विविधीकृत ऋण, रेलवे और मेट्रो परियोजनाओं, नवीकरणीय ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स तथा बंदरगाह क्षेत्रों में विस्तार से बेहतर और सतत वृद्धि की उम्मीद है।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार