भारत में आयरलैंड ने यूरोपीय संघ परिषद की अध्यक्षता का किया शुभारंभ

 

नई दिल्ली, 01 जुलाई (हि.स.)। भारत में आयरलैंड के दूतावास ने बुधवार को प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में एक विशेष कार्यक्रम के दौरान यूरोपीय संघ (ईयू) परिषद की आयरिश अध्यक्षता का औपचारिक शुभारंभ किया। आयरलैंड एक जुलाई से 31 दिसंबर 2026 तक छह माह के लिए यूरोपीय संघ परिषद की अध्यक्षता संभालेगा।

इस अवसर पर भारत में आयरलैंड के राजदूत केविन केली ने कहा कि आयरलैंड ऐसे समय में परिषद की अध्यक्षता ग्रहण कर रहा है, जब दुनिया भू-राजनीतिक बदलावों, क्षेत्रीय संघर्षों, तेजी से बढ़ती तकनीकी चुनौतियों और बहुपक्षीय व्यवस्था पर बढ़ते दबाव का सामना कर रही है। उन्होंने कहा कि आयरलैंड यूरोपीय साझेदारों के साथ मिलकर अधिक प्रतिस्पर्धी, सुरक्षित और मजबूत यूरोप के निर्माण के लिए कार्य करेगा।

राजदूत केली ने कहा कि आयरलैंड की अध्यक्षता का प्रमुख लक्ष्य भारत और यूरोपीय संघ के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करना होगा। उन्होंने व्यापार, प्रौद्योगिकी, अनुसंधान, कनेक्टिविटी, समुद्री सुरक्षा, मजबूत आपूर्ति श्रृंखला और डिजिटल सहयोग जैसे क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया।

कार्यक्रम में 'अनिश्चितताओं के दौर में भारत-यूरोपीय संघ संबंध' विषय पर आयोजित परिचर्चा में भारत में यूरोपीय संघ के राजदूत हर्वे डेल्फिन, वरिष्ठ रणनीतिक मामलों के विशेषज्ञ सी. राजा मोहन और वरिष्ठ पत्रकार सुहासिनी हैदर ने भाग लिया।

मुख्य वक्ता सी. राजा मोहन ने कहा कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में भारत और यूरोपीय संघ के बीच रणनीतिक सहयोग का महत्व लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष आर्थिक मजबूती, नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था और वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए मिलकर काम कर सकते हैं।

परिचर्चा के दौरान वक्ताओं ने भारत और यूरोपीय संघ के बीच रणनीतिक स्वायत्तता, समुद्री सुरक्षा, लचीली आपूर्ति श्रृंखलाओं, लोकतांत्रिक मूल्यों और बहुपक्षीय सहयोग जैसे मुद्दों पर बढ़ती समानता की चर्चा की। साथ ही यह भी स्वीकार किया गया कि रूस-यूक्रेन जैसे कुछ अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर दोनों पक्षों के दृष्टिकोण अलग-अलग हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय