भारत-नेपाल ने सुरक्षा सहयोग बढ़ाने, सीमा प्रबंधन मजबूत करने पर जताई प्रतिबद्धता

 

नई दिल्ली, 15 अक्टूबर (हि.स.)। भारत और नेपाल ने द्विपक्षीय सुरक्षा सहयोग को गहरा करने, सीमा प्रबंधन मजबूत करने और आतंकवाद सहित उभरती सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए आपसी समन्वय बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और नेपाल के गृहमंत्री सुदन गुरुंग ने बुधवार को नई दिल्ली में पहली बिम्सटेक गृह मंत्रियों की बैठक से इतर मुलाकात के दौरान इन मुद्दों पर चर्चा की।

गुरुंग के सचिवालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, दोनों मंत्रियों ने साझा सुरक्षा चिंताओं पर विचार-विमर्श किया और क्षेत्र में शांति, प्रगति तथा समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर सहमति जताई। गुरुंग ने भारतीय बाजार में नेपाली कारोबारियों को पेश आ रही तकनीकी बाधाओं, विशेषकर भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) के प्रमाणन से जुड़ी समस्याओं का मुद्दा भी उठाया। शाह ने इन चिंताओं पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।

नेपाल के गृहमंत्री ने भोटेकोशी में आई विनाशकारी बाढ़ और निचले क्षेत्रों में हाल में हुए भूस्खलन के बाद भारत की ओर से समय पर दी गई सहायता के लिए आभार व्यक्त किया। भारत में नेपाली दूतावास के अनुसार, बैठक में सुरक्षा सहयोग, सीमा प्रबंधन, सीमा पार संगठित अपराध से मुकाबले और आपदा की तैयारी जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई।

गुरुंग ने संप्रभु समानता, परस्पर सम्मान और विश्वास के आधार पर दोनों देशों के बीच व्यावहारिक तथा पारस्परिक लाभकारी सहयोग आगे बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने बिम्सटेक की बैठक में भी क्षेत्रीय सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने और जलवायु परिवर्तन से प्रेरित आपदाओं के बेहतर प्रबंधन की आवश्यकता पर बल दिया।

इस बीच, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने नई दिल्ली हवाई अड्डे पर काठमांडू रवाना होने से पहले गुरुंग से हुई मुलाकात पर प्रसन्नता व्यक्त की। जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि नेपाली गृहमंत्री से मिलकर उन्हें खुशी हुई।

बंगाल की खाड़ी बहु-क्षेत्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग पहल (बिम्सटेक) के सदस्य देशों के गृह मंत्रियों की पहली बैठक दिल्ली घोषणा-पत्र को अपनाने के साथ संपन्न हुई। इसे क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग के ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना गया है।

घोषणा-पत्र में सदस्य देशों ने परस्पर जुड़े, सुरक्षित, मजबूत और समृद्ध क्षेत्र के निर्माण की प्रतिबद्धता दोहराई। इसमें आतंकवाद, मादक पदार्थों की तस्करी, मानव तस्करी, सीमा पार संगठित अपराध, साइबर अपराध, धनशोधन, आतंकवादी वित्तपोषण और हथियारों की तस्करी के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई का आह्वान किया गया।

घोषणा-पत्र में बिम्सटेक के मौजूदा कानूनी ढांचों को प्रभावी ढंग से लागू करने, लंबित समझौतों के अनुमोदन और कानून बनाने की प्रक्रिया तेज करने तथा वास्तविक समय में सूचनाओं के आदान-प्रदान का विस्तार करने पर भी जोर दिया गया। इसके अलावा, संयुक्त राष्ट्र मादक पदार्थ एवं अपराध कार्यालय (यूएनओडीसी) और इंटरपोल जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ साझेदारी मजबूत करने की आवश्यकता रेखांकित की गई।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार