भारत-कनाडा व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते को जल्द देंगे अंतिम रूपः मोदी
नई दिल्ली, 02 मार्च (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कहा कि भारत और कनाडा व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते को जल्द अंतिम रूप देंगे और दोनों देश द्विपक्षीय व्यापार को 50 अरब अमेरिकी डॉलर तक ले जाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
भारत-कनाडा सीईओ फोरम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और कनाडा जीवंत लोकतंत्र हैं, विश्व की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाएं हैं और साझा मूल्यों पर आधारित समाज हैं। लोकतंत्र, विविधता और विकास हमें स्वाभाविक साझेदार के रूप में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है। इस परिवर्तन के पीछे मजबूत घरेलू मांग, युवा आबादी, बड़े पैमाने पर निवेश और डिजिटल तकनीक की शक्ति है। यह हमारी निरंतर आगे बढ़ती ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ का परिणाम है। नीति सरलीकरण, उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई), लॉजिस्टिक्स आधुनिकीकरण तथा कर और दिवाला सुधारों के माध्यम से हर क्षेत्र में ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को मजबूत किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने इस वर्ष के बजट में आधारभूत संरचना विकास के लिए रिकॉर्ड 130 अरब डॉलर का प्रावधान किया है, जबकि नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन के तहत 1.3 ट्रिलियन डॉलर के निवेश पर कार्य चल रहा है। कनाडाई पेंशन फंड भारत में लगभग 100 अरब डॉलर का निवेश कर चुके हैं, जो गहरे विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने कनाडाई उद्योग जगत से भारत की अवसंरचना विकास यात्रा में भागीदार बनने का आह्वान किया।
मोदी ने सहयोग के पांच प्रमुख क्षेत्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वच्छ ऊर्जा दोनों देशों की प्राथमिकता है। परमाणु क्षेत्र में सहयोग और यूरेनियम की दीर्घकालिक आपूर्ति के लिए समझौते किए गए हैं। महत्वपूर्ण खनिजों में मजबूत आपूर्ति शृंखला बनाने की दिशा में कदम उठाए गए हैं। कनाडा की नवाचार क्षमता और भारत की विस्तार क्षमता को मिलाकर बैटरी और ऊर्जा भंडारण के क्षेत्र में आगे बढ़ा जा सकता है।
उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के क्षेत्र में संयुक्त एआई कंप्यूट कॉरिडोर और स्टार्टअप्स के लिए एआई इनोवेशन सैंडबॉक्स स्थापित किए जा सकते हैं। विनिर्माण एवं प्रौद्योगिकी—विशेषकर इलेक्ट्रॉनिक्स, एयरोस्पेस और इंजीनियरिंग—में कनाडा की तकनीक और भारत के पैमाने को जोड़कर वैश्विक मूल्य शृंखलाओं को सशक्त बनाया जा सकता है। खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में मेगा फूड पार्क, कोल्ड चेन और फूड टेस्टिंग लैब्स तेजी से विकसित हो रहे हैं, जो सहयोग का नया आयाम बन सकते हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि साझेदारी केवल राष्ट्रीय राजधानियों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि राज्यों और प्रांतों तक विस्तार होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब भारत और कनाडा साथ खड़े होते हैं तो वे केवल दो अर्थव्यवस्थाओं को नहीं जोड़ते, बल्कि पूंजी और क्षमता को मिलाकर एक नई आर्थिक शक्ति का निर्माण करते हैं।
उन्होंने क्रिकेट का उल्लेख करते हुए कहा कि जैसे टी-20 क्रिकेट में तेज फैसले, निडर शॉट्स और मैच जिताने वाली साझेदारियां अहम होती हैं, वैसे ही भारत और कनाडा मिलकर भविष्य को आकार देंगे।
इस अवसर पर कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के सकारात्मक विचारों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दोनों देश मिलकर भारत-कनाडा संबंधों का नया अध्याय लिखेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक आर्थिक व्यवस्था दबाव में है, ऐसे समय में विश्वसनीय और समान विचारधारा वाले साझेदारों का सहयोग और अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार