'ग्रो मोर, अचीव मोर' के मंत्र के साथ विकसित भारत की ओर बढ़ रहा देश : मोदी
मेलबर्न, 09 जुलाई (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि 21वीं सदी का भारत ग्रो मोर, अचीव मोर के मंत्र के साथ विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारत अब चंद्रयान की सफलता तक सीमित नहीं है बल्कि गगनयान मिशन और अपना स्वयं का अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करने के लक्ष्य पर भी काम कर रहा है।
मेलबर्न में आयोजित भव्य प्रवासी भारतीय समारोह में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है और जल्द ही विश्व की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि एक सपना पूरा होने के बाद भारत नया सपना देखने और उसे साकार करने की क्षमता रखता है।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत ऑस्ट्रेलिया की आदिवासी परंपरा के पारंपरिक संरक्षकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए की। उन्होंने कहा कि सिडनी के बाद इस बार मेलबर्न आकर भारतीय समुदाय से मिलना उनके लिए विशेष खुशी का अवसर है। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ की उपस्थिति के लिए उनका आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंध नई ऊंचाइयों पर पहुंच रहे हैं और इसमें भारतीय प्रवासी समुदाय की सबसे बड़ी भूमिका है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में जब वह पहली बार प्रधानमंत्री के रूप में ऑस्ट्रेलिया आए थे, तब 28 वर्षों बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यात्रा हुई थी। उन्होंने याद दिलाया कि तब उन्होंने वादा किया था कि अगली यात्रा के लिए 28 वर्ष का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। पिछले 12 वर्षों में यह उनकी तीसरी ऑस्ट्रेलिया यात्रा है, जो दोनों देशों के मजबूत होते संबंधों का प्रमाण है।
प्रधानमंत्री ने भारतीय समुदाय की सराहना करते हुए कहा कि वे ऑस्ट्रेलिया की प्रगति में योगदान दे रहे हैं लेकिन उनका मन और दिल भारत से हमेशा जुड़ा रहता है। उन्होंने कहा कि भारतीय जहां भी जाते हैं, वहां प्रेम, संस्कृति और अपने संस्कारों की खुशबू फैलाते हैं। उन्होंने कहा, आपके घरों में दूध ऑस्ट्रेलिया का हो सकता है लेकिन उससे बनने वाली चाय भारतीय होती है।
उन्होंने कहा कि मेलबर्न का भारतीय समुदाय अपनी सांस्कृतिक गतिविधियों, धार्मिक आयोजनों, भारतीय त्योहारों, बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रमों और क्रिकेट प्रतियोगिताओं के माध्यम से भारतीयता को जीवंत बनाए हुए है। उन्होंने मेलबर्न में होने वाले भारतीय फिल्म महोत्सव के सफल आयोजन के लिए भी शुभकामनाएं दीं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफलतापूर्वक पहुंचकर दुनिया में नया इतिहास रचा लेकिन भारत यहीं रुकने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि अब गगनयान मिशन के साथ-साथ भारत अपना स्वयं का अंतरिक्ष स्टेशन बनाने की दिशा में भी काम कर रहा है।
उन्होंने कहा कि भारत में आज दो लाख से अधिक पंजीकृत स्टार्टअप हैं और हर महीने चार हजार से अधिक नए स्टार्टअप शुरू हो रहे हैं। रक्षा और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों में भी निजी उद्यम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं तथा जल्द ही भारत का पहला निजी अंतरिक्ष स्टार्टअप अपने स्वयं के रॉकेट से उपग्रह प्रक्षेपित करेगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में 'मेक इन इंडिया' वैश्विक ब्रांड बन चुका है। मोबाइल फोन, ऑटोमोबाइल, रक्षा उपकरण और अन्य विनिर्माण उत्पाद दुनिया के बाजारों में अपनी पहचान बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज भारत चिप्स से लेकर शिप्स तक नया मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम विकसित कर रहा है और 6जी तकनीक पर भी तेजी से काम कर रहा है।
ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की रक्षा क्षमता और विश्वसनीयता पूरी दुनिया ने देखी है। उन्होंने कहा, धमाके आतंकियों के अड्डों पर हो रहे थे और उनकी गूंज पूरी दुनिया में सुनाई दे रही थी।
उन्होंने कहा कि नागरिक देवो भवः आज भारत की सुशासन व्यवस्था का मूल मंत्र बन चुका है। भारत की नीतियां 'सर्वे भवन्तु सुखिनः' की भावना से प्रेरित हैं और भारत जब भी किसी देश की सहायता करता है तो वह पासपोर्ट या उसके रंग को नहीं देखता। उन्होंने वेनेजुएला में आए भूकंप के बाद भारत द्वारा चलाए गए राहत एवं बचाव अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत पूरी मानवता को अपना परिवार मानता है।
समारोह के दौरान ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ भी उपस्थित रहे। दोनों नेताओं ने मंच पर एक-दूसरे का गर्मजोशी से स्वागत किया। कार्यक्रम में भारतीय समुदाय ने मोदी-मोदी के नारों के बीच प्रधानमंत्री का जोरदार अभिनंदन किया। प्रधानमंत्री मोदी ने बाद में सोशल मीडिया पर कहा कि मेलबर्न का सामुदायिक कार्यक्रम प्रधानमंत्री अल्बनीज़ की उपस्थिति से और भी विशेष बन गया तथा उनका संबोधन भारत-ऑस्ट्रेलिया मित्रता के प्रति उनकी गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार