केंद्रीय मंत्री शेखावत ने वेनिस में किया भारतीय कला 'जियोग्राफिज़ ऑफ डिस्टेंस' का उद्घाटन

 


नई दिल्ली, 07 मई (हि.स.)। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने गुरुवार को वेनिस (इसोलोटो, आर्सेनाले) में आयोजित 61वें अंतरराष्ट्रीय कला प्रदर्शनी के दौरान भारतीय पवेलियन में प्रदर्शित 'जियोग्राफिज़ ऑफ डिस्टेंस: रिमेंबरिंग होम' नामक प्रदर्शनी का उद्घाटन किया।

शेखावत ने यह उद्घाटन भारत से ही वर्चुअली माध्यम से किया। यह इन माइनर कीज़ विषय पर आधारित है, जो भारतीय पवेलियन घर, स्मृति और विस्थापन के भावनात्मक पहलुओं को तलाशता है। यह प्रदर्शनी 2019 के बाद से बिएनाले आर्टे में भारत की वापसी का प्रतीक है। ला बिएनाले डी वेनेज़िया के 61वें अंतर्राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी में भारत का पवेलियन जनता के लिए खोला गया।

केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने गुरुवार को कहा, यह पवेलियन हमारी सांस्कृतिक स्मृति की शक्ति और उस कलात्मक अभिव्यक्ति को दर्शाता है जो आज के विकसित भारत को विश्व से जोड़ती है।

उन्होंने कहा कि “दूरी का भूगोल: घर की यादें” समकालीन भारत को प्रस्तुत करता है जो अपनी जड़ों से जुड़ा हुआ है और भविष्य की ओर भी अग्रसर है। जैसे-जैसे हमारा राष्ट्र विकसित हो रहा है, यह पवेलियन हमारी सांस्कृतिक स्मृति की शक्ति और कलात्मक अभिव्यक्ति की उस क्षमता को दर्शाता है जो भारत को विश्व से जोड़ती है।

संस्कृति मंत्रालय के सचिव विवेक अग्रवाल ने कहा कि यह प्रदर्शनी उन कलाकारों को एक साथ लाती है जिनकी कलाकृतियाँ स्मृति, सामग्री और परिवर्तन के प्रश्नों से गहराई से जुड़ी हुई हैं। उनका काम उभरते हुए भारत की वास्तविकताओं को प्रतिबिंबित करता है और साथ ही अपनेपन और पहचान पर व्यापक वैश्विक संवाद में योगदान देता है।

इस प्रदर्शनी के क्यूरेटर डॉ. ए.एस. अमीन जाफ़र ने कहा कि इन माइनर कीज़ के जवाब में यह प्रदर्शनी घर को एक स्थिर स्थान के बजाय एक भावनात्मक और भौतिक स्थिति के रूप में खोजती है। नाज़ुक, जैविक सामग्रियों और गहन व्यक्तिगत कथाओं के माध्यम से, कलाकार इस बात पर विचार करते हैं कि स्मृति, प्रवास और परिवर्तन किस प्रकार अपनेपन की हमारी समझ को आकार देते हैं।

इस प्रदर्शनी को संस्कृति मंत्रालय ने नीता मुकेश अंबानी सांस्कृतिक केंद्र (एनएमएसीसी) और सेरेन्डिपिटी आर्ट्स के साथ मिलकर प्रस्तुत किया है।

प्रदर्शनी में पांच प्रमुख भारतीय कलाकारों अलवर बालासुब्रमण्यम, रंजनी शेट्टार, सुमाक्षी सिंह, स्कर्मा सोनम ताशी और असीम वाकिफ की विशाल मूर्तियां और इंस्टॉलेशन प्रदर्शित किए गए हैं।

इनमें अलवर बालासुब्रमण्यम ने तमिलनाडु की मिट्टी से समय के बदलाव को उकेरा है, सुमाक्षी सिंह ने कढ़ाई के धागों से अपने पुराने घर का पुनर्निर्माण किया है, जो स्मृति की नाजुकता को दर्शाता है, असीम वाकिफ ने बांस के जरिए शहरी बदलाव तथा संक्रमण को दर्शाया है और स्कर्मा सोनम ताशी ने पेपर-मैशे तथा लद्दाखी वास्तुकला के जरिए स्थिरता का संदेश दिया है।

उद्घाटन समारोह में ला बिएनाले के अध्यक्ष पिएत्रांगेलो बुट्टाफूको, नीता मुकेश अंबानी, ईशा अंबानी, सुनील कांत मुंजल, संस्कृति सचिव विवेक अग्रवाल और इटली में भारत की राजदूत वाणी राव मौजूद रहे।

यह प्रदर्शनी 9 मई से 22 नवंबर, 2026 तक जनता के लिए खुली रहेगी, जिसके साथ ही सेरेन्डिपिटी आर्ट्स द्वारा क्यूरेट किए गए विभिन्न प्रदर्शन कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रद्धा द्विवेदी