आईआईटी खड़गपुर के प्रो सुरज्या पाल को प्रतिष्ठित जेसी बोस ग्रांट सम्मान

 


खड़गपुर, 28 जुलाई (हि.स.)। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान के डीन (अनुसंधान एवं विकास) प्रो. सुरज्या के. पाल को भारत सरकार के अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान प्रतिष्ठान की ओर से प्रतिष्ठित जे. सी. बोस ग्रांट से सम्मानित किया गया है। मंगलवार शाम आईआईटी खड़गपुर द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति अनुसार एएनआरएफ का जे. सी. बोस ग्रांट देश के सक्रिय वरिष्ठ वैज्ञानिकों को दिया जाने वाला सबसे प्रतिष्ठित अनुसंधान सम्मानों में से एक है। यह सम्मान उन वैज्ञानिकों को प्रदान किया जाता है जिन्होंने अपने उत्कृष्ट और सतत वैज्ञानिक योगदान से अनुसंधान के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। इस अनुदान के माध्यम से उन्हें अत्याधुनिक और अग्रणी अनुसंधान कार्यों के लिए विशेष वित्तीय सहायता भी प्रदान की जाती है।

सूत्रों के अनुसार, उन्नत एवं स्मार्ट विनिर्माण (एडवांस्ड एंड स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग) के क्षेत्र के अग्रणी शोधकर्ता प्रो. पाल को रीयल-टाइम वेल्ड गुणवत्ता नियंत्रण के लिए एक सार्वभौमिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित मंच विकसित करने के लिए पांच वर्षों का अनुसंधान अनुदान मिला है। इस शोध का उद्देश्य शून्य-दोष (जीरो-डिफेक्ट) स्मार्ट विनिर्माण को साकार करना है, जिससे भविष्य की बुद्धिमान विनिर्माण प्रणालियों को नई दिशा मिलेगी।

प्रो. पाल आईआईटी खड़गपुर में डीन (अनुसंधान एवं विकास) होने के साथ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग टेक्नोलॉजी के संस्थापक अध्यक्ष भी हैं। अपने शैक्षणिक जीवन में उन्होंने 30 से अधिक पीएचडी शोधार्थियों का मार्गदर्शन किया है, 230 से अधिक अंतरराष्ट्रीय शोध-पत्र प्रकाशित किए हैं तथा उनके शोध कार्यों को गूगल स्कॉलर पर 12 हजार से अधिक उद्धरण प्राप्त हुए हैं। उनका एच-इंडेक्स 64 है, जो उनके वैश्विक शोध प्रभाव को दर्शाता है। अनुसंधान के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें नेशनल एकेडमी ऑफ इंजीनियरिंग (एफएनएई) तथा नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज, इंडिया (एनएएसआई) का फेलो चुना गया है। वर्तमान में वह प्रो. एन. के. रॉय चेयर प्रोफेसर हैं और इससे पहले लॉर्ड कुमार भट्टाचार्य चेयर प्रोफेसर के रूप में भी सेवाएं दे चुके हैं। वर्ष 2026 की रिसर्च डॉट कॉम रैंकिंग में उन्हें भारत के मैकेनिकल एवं एयरोस्पेस इंजीनियरिंग के वैज्ञानिकों में 10वां स्थान प्राप्त हुआ।

प्रो. पाल का अनुसंधान उद्योग और अकादमिक जगत के बीच मजबूत सेतु का कार्य करता रहा है। उनकी तकनीकी नवाचारों का उपयोग विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में किया जा रहा है। उनका कार्य भारत के विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत बनाने के साथ युवा शोधकर्ताओं को समाजोपयोगी और उद्योगोन्मुख अनुसंधान के लिए प्रेरित करता है।

आईआईटी खड़गपुर परिवार ने प्रो. सुरज्या के. पाल को इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान के लिए हार्दिक बधाई दी है और उनके उज्ज्वल एवं सफल शोध जीवन के लिए शुभकामनाएं व्यक्त की हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता