तटरक्षक बल ने मंगलुरु के पास रात भर चले ऑपरेशन में छह मछुआरों को बचाया
- जहाज 'सचेत' ने समुद्री तट से लगभग 33 नॉटिकल मील दूर इस ऑपरेशन को अंजाम दिया
नई दिल्ली, 30 जून (हि.स.) भारतीय तटरक्षक बल ने कर्नाटक में मंगलुरु के तट के पास कल शाम समुद्र में खराब में मौसम के कारण संकटग्रस्त नौका मंजु माथा से छह मछुवारों को सफलतापूर्वक बचा लिया। खराब समुद्री हालात के कारण गंभीर रूप से पानी नौका में भरने से सभी छह क्रू मेंबर्स की जान खतरे में पड़ गई थी। इसके बावजूद तटरक्षक बल के जहाज 'सचेत' ने समुद्री तट से लगभग 33 नॉटिकल मील दूर इस ऑपरेशन को अंजाम दिया।
कमांडेंट अमित उनियाल ने बताया कि 29 जून की शाम को लगभग 4 बजे इंडियन कोस्ट गार्ड (आईसीजी) के शिप 'सचेत' ने सूरतकल तट से लगभग 33 नॉटिकल मील दूर एक नौका से एक डिस्ट्रेस कॉल को इंटरसेप्ट किया। इसमें खराब समुद्री हालात के कारण गंभीर बाढ़ और हल डैमेज की सूचना दी गई थी, जिससे सभी छह क्रू मेंबर्स की जान खतरे में पड़ गई थी। इस पर बिना देर किए आईसीजी ने तुरंत मदद के लिए जहाज का रास्ता बदला और 90 मिनट के अंदर मुश्किल में फंसे जहाज से मिल गए।
उन्होंने बताया कि यह अभियान बहुत खराब मौसम में किया गया। समुद्र में बहुत ज्यादा हलचल, तेज हवाएं, कम दृश्यता और अंधेरा होने की वजह से मिशन बहुत मुश्किल हो गया था। इसलिए रेस्क्यू टीम को बहुत अच्छी नाविक कुशलता, सटीकता और तालमेल की जरूरत थी। इन बड़ी चुनौतियों के बावजूद आईसीजी के जहाज सचेत के चालक दल ने बहुत अच्छे से ऑपरेशन को अंजाम दिया। पक्के इरादे और एडवांस्ड रेस्क्यू टेक्नोलॉजी के दम पर टीम ने फंसे हुए मछुआरों तक सुरक्षित पहुंचने और उन्हें बचाने के लिए खास तौर पर खराब समुद्री हालात में इस्तेमाल के लिए डिजाइन किए गए रिमोट से चलने वाले लाइफबॉय लगाए।
कमांडेंट उनियाल ने बताया कि शाम 6 बजे तक क्रू के सभी छह सदस्यों को सुरक्षित और बिना किसी चोट के बचा लिया गया। सफलतापूर्वक बचाव के बाद बचाए गए क्रू को सुरक्षित उतारने और आगे की औपचारिकताएं पूरी करने के लिए न्यू मंगलौर भेजा गया। यह ऑपरेशन दिखाता है कि सबसे मुश्किल समुद्री इमरजेंसी से निपटने में कोस्ट गार्ड के जवानों की हिम्मत, ट्रेनिंग और प्रोफेशनलिज्म के साथ मॉडर्न टेक्नोलॉजी का असरदार तरीके से इस्तेमाल कैसे किया जाता है। इंडियन कोस्ट गार्ड भारत के समुद्री इलाके पर लगातार नजर रखकर समुद्र में मुश्किल में फंसे लोगों को समय पर मदद देता है।
हिन्दुस्थान समाचार/सुनीत निगम