एनपीए की दीक्षांत परेड में 151 प्रशिक्षु अधिकारी होंगे शामिल

 


हैदराबाद, 15 अक्टूबर (हि.स.)। हैदराबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी (एनपीए) में 17 अक्टूबर (शनिवार) को होने वाली दीक्षांत परेड में 135 आईपीएस परिवीक्षाधीनों और 16 विदेशी अधिकारियों सहित कुल 151 प्रशिक्षु अधिकारी भाग लेंगे।

समारोह में केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन मुख्य अतिथि होंगे। इस बैच में 37 महिला अधिकारी शामिल हैं, जबकि विदेशी प्रशिक्षु नेपाल, भूटान और मालदीव से हैं।

नेशनल पुलिस अकादमी के निदेशक सुजीत पांडे ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में जन सुरक्षा, कमजोर वर्गों की सुरक्षा और यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है कि पुलिसिंग नागरिकों के अधिकारों और जरूरतों के प्रति संवेदनशील बनी रहे। पारंपरिक पुलिसिंग के साथ-साथ, प्रशिक्षुओं को साइबर अपराध, वित्तीय धोखाधड़ी, क्रिप्टोकरेंसी, डार्कनेट ऑपरेशंस, मादक पदार्थों की तस्करी, ड्रोन खतरों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर विशेष मॉड्यूल के माध्यम से उभरती हुई चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि मीडिया प्रबंधन और संचार कौशल को शामिल करने के अलावा मशीन लर्निंग, साइबर सुरक्षा और बिग डेटा एनालिटिक्स में प्रशिक्षण को मजबूत किया गया है। प्रशिक्षण में अग्नि सुरक्षा और आपदा प्रबंधन को भी शामिल किया गया है।

परिवीक्षाधीन आईपीएस मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी में अपना 15 सप्ताह का फाउंडेशन कोर्स पूरा करने के बाद अकादमी में शामिल हुए थे। उनका 49 सप्ताह का पहले चरण का प्रशिक्षण आपराधिक कानूनों, जांच, फोरेंसिक विज्ञान, आंतरिक सुरक्षा, सार्वजनिक व्यवस्था, अपराध विज्ञान, पुलिस प्रबंधन और मानवाधिकारों के साथ-साथ शारीरिक फिटनेस, हथियार प्रशिक्षण, ड्रिल, योग और मैदानी रणनीतियों पर केंद्रित रहा।

यह प्रशिक्षण कक्षा में दी जाने वाली शिक्षा को पुलिस स्टेशन के दौरों, भीड़ प्रबंधन और तेलंगाना के ग्रेहाउंड्स, आईटीबीपी और बीएसएफ के साथ विशेष प्रशिक्षण के माध्यम से व्यावहारिक अनुभव के साथ जोड़ता है। परिवीक्षाधीन आईपीएस अब केंद्रीय पुलिस संगठनों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के साथ चार सप्ताह के जुड़ाव के लिए दिल्ली जाएंगे, जिसमें सीआरपीएफ और भारतीय सेना का अनुभव भी शामिल है।

इसके बाद वे अकादमी में 21 जून 2027 को नौ सप्ताह के द्वितीय चरण की ट्रेनिंग के लिए लौटने से पहले अपने-अपने कैडर या राज्यों में 29 सप्ताह का जिला व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे।-------

हिन्दुस्थान समाचार / Dev Kumar Pukhraj