हैदराबाद में गांजा तस्कर नीतू बाई के ठिकानों पर ईडी की छापेमारी

 

हैदराबाद, 03 सितंबर (हि.स.)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार को हैदराबाद में कुख्यात गांजा तस्कर नीतू बाई के ठिकानों पर मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत बड़ी छापेमारी की है। गांजा से जुड़े कई मामलों में नीतू बाई फिलहाल फरार है।

ईडी ने यह जांच तेलंगाना की 'एलीट एक्शन ग्रुप फॉर ड्रग लॉ एनफोर्समेंट (ईगल) द्वारा दर्ज प्राथमिकी के आधार पर शुरू की है। जून में नानकरामगुड़ा में ईगल के एक विशेष अभियान के दौरान वह गिरफ्तारी से बचकर भाग निकली थी। धूलपेट की रहने वाली 48 वर्षीय नीतू बाई कथित तौर पर नानकरामगुड़ा की लोधा बस्ती से गांजा बेच रही थी, जिसमें उसका मुख्य निशाना आईटी कॉरिडोर में काम करने वाले सॉफ्टवेयर पेशेवर थे। अधिकारियों ने बताया कि वह अपने सहयोगियों के जरिए यह काम करते हुए एक साल से अधिक समय से अंडरग्राउंड (भूमिगत) है।

एनडीपीएस अधिनियम के तहत 20 से अधिक मामलों, रोजाना औसतन लगभग 2.60 लाख रुपये की कमाई और करोड़ों रुपये की अचल संपत्ति की मालकिन नीतू बाई पुलिस की मोस्ट वांटेड सूची में शीर्ष पर है। हाल ही में गिरफ्तार हुई महिला डॉन अंगूरी बाई की करीबी रिश्तेदार नीतू बाई उर्फ 'गांजा नीतू' उर्फ 'गांजा बाई' उर्फ 'गांजा कलावती' को पकड़ने के लिए टीजी-एसटीएफ की विशेष टीमों ने जाल बिछाया।

उसे अगस्त 2023 में टीजीएएनबी और गोलकुंडा पुलिस ने गिरफ्तार किया था। तब जांच में पता चला था कि उसके पास 180 करोड़ रुपये से अधिक का बैंक बैलेंस और 4.80 करोड़ रुपये से अधिक की अचल संपत्ति थी, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया था। हालांकि, बाद में वह जमानत पर रिहा हो गई और उसने अपनी अवैध गतिविधियां फिर शुरू कर दीं।

पुलिस के अनुसार, वह न केवल शहर में बल्कि पूरे राज्य में बड़े थोक भाव में गांजा आयात और सप्लाई करने वाली मुख्य आपूर्तिकर्ता है। विशाखापट्टनम, ओडिशा, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश में 'कलावती' नाम से पहचानी जाने वाली नीतू के इन राज्यों के गांजा उत्पादकों के साथ मजबूत संबंध बताए जाते हैं। पुलिस द्वारा 'ऑपरेशन धूलपेट' शुरू करने के बाद उसने अपने काम करने के तरीके (मोडस ऑपरेंडी) में बदलाव कर लिया था।

पुलिस ने बताया कि नीतू बाई का शहर में सबसे मजबूत नेटवर्क है, जिसके तहत 300 से अधिक पैडलर और सप्लायर काम करते हैं। उसके पास ऐसे ग्राहकों का भी बड़ा नेटवर्क है जो डोरस्टेप डिलीवरी चाहते हैं, जिनमें ज्यादातर आईटी क्षेत्र के लोग शामिल हैं। इसके अलावा, शहर के पॉश इलाकों में उसकी करोड़ों रुपये की संपत्तियां मौजूद हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / Dev Kumar Pukhraj