अमित शाह ने हैदराबाद रैली में तेलंगाना में कांग्रेस की जीत पर उठाए सवाल

 


हैदराबाद, 02 नवंबर (हि.स.)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को विपक्षी दलों को मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन पर खुली बहस की चुनौती दी। इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस पार्टी के उन आरोपों पर सवाल उठाए, जिनमें कहा गया था कि भारतीय जनता पार्टी को चुनावी प्रक्रिया में हेरफेर से फायदा मिलता है।

हैदराबाद में एक पार्टी रैली में भाग लेने के बाद मोजमजाही मार्केट में एक भाजपा जनसभा को संबोधित करते हुए, शाह ने सवाल किया कि अगर भाजपा के पक्ष में ईवीएम में हेरफेर की गई थी, तो कांग्रेस ने तेलंगाना विधानसभा चुनाव कैसे जीता? उन्होंने विपक्ष के दावों को चुनौती देने के लिए केरल और तमिलनाडु में गैर-भाजपा सरकारों के गठन का भी हवाला दिया।

शाह की यह टिप्पणी कांग्रेस के देशव्यापी 'वोट बचाओ, देश बचाओ' अभियान के बीच आई है, जिसने मतदाता सूची के कथित हेरफेर और नामावली संशोधन के दौरान नाम हटाए जाने को लेकर चिंता जताई है।

केंद्रीय गृहमंत्री ने हैदराबाद में भाजपा की एक 'महा पदयात्रा' में भाग लिया, जो निज़ाम कॉलेज से शुरू हुई और मोजमजाही मार्केट पर समाप्त हुई। लगभग 1.5 किलोमीटर लंबी इस यात्रा में केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी और बंदी संजय कुमार, तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष एन रामचंद्र राव तथा पार्टी के कई सांसद, विधायक और विधान पार्षद शामिल हुए।

शाह ने मार्ग में पार्टी कार्यकर्ताओं का अभिवादन किया और उनसे तेलंगाना में भाजपा को सत्ता में लाने के लिए काम करने का आह्वान किया।

जनसभा में, उन्होंने कांग्रेस सरकार पर भ्रष्टाचार और कुशासन का आरोप लगाते हुए उसे हराने का आह्वान किया। 1948 में भारतीय संघ में हैदराबाद के विलय का जिक्र करते हुए, उन्होंने इस प्रक्रिया में सरदार वल्लभभाई पटेल की भूमिका को याद किया और कहा कि पटेल के हस्तक्षेप के कारण ही यह शहर निजाम के शासन से मुक्त हुआ था।

'तेलंगाना बना कांग्रेस का एटीएम'

मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए शाह ने आरोप लगाया कि तेलंगाना कांग्रेस नेतृत्व के लिए एक 'एटीएम' बन गया है।

उन्होंने कथित 'आरआर टैक्स' का जिक्र किया और दावा किया कि राहुल गांधी को फायदा पहुंचाने के लिए राज्य में पैसा एकत्र किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व वाली एआईएमआईएम या बीआरएस कांग्रेस के भ्रष्टाचार को रोक सकती हैं, और जोर देकर कहा कि केवल भाजपा ही ऐसा कर सकती है।

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हिन्दुस्थान समाचार / Dev Kumar Pukhraj