गीता का अमर संदेश इसी पावन धरती से विश्व में फैला : राष्ट्रपति
-हरियाणा की 60वीं वर्षगांठ पर राष्ट्रपति मुर्मु ने किया हीरक जयंती समारोह का शुभारंभ
चंडीगढ़, 01 नवंबर (हि.स.)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने रविवार को कुरुक्षेत्र में हरियाणा राज्य के गठन के 60 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित हीरक जयंती समारोह में हिस्सा लिया। इस अवसर पर उन्होंने हीरक जयंती के लोगो का भी अनावरण किया। समारोह में हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी उपस्थित रहे।
राष्ट्रपति ने कहा कि भारतीय संस्कृति के विकास में हरियाणा के इस क्षेत्र का उल्लेखनीय योगदान रहा है। गीता का अमर संदेश इसी धरती से समस्त विश्व में फैला था। भारतीयता को गौरव प्रदान करने वाली इस पुण्य भूमि को राष्ट्रपति ने प्रणाम किया। उन्होंने भारत की प्रगति-यात्रा के अनेक आयामों में सार्थक योगदान देने वाले हरियाणावासियों को भी बधाई दी।
राष्ट्रपति ने कहा कि भगवान कृष्ण के निष्काम कर्मयोग का अमर संदेश सारे विश्व में फैलाने वाली इस धरती ने आधुनिक युग में भी मानवीय पराक्रम के अनेक कीर्तिमान स्थापित किये हैं। राव तुलाराम का अदम्य साहस, दीनबंधु सर छोटूराम की किसान कल्याण के लिए प्रतिबद्धता, पंडित नेकीराम शर्मा की राष्ट्रसेवा और दादा लखमीचंद की लोक-सांस्कृतिक साधना हरियाणा की अमूल्य विरासत हैं।
उन्होंने कहा कि बीसवीं सदी में हरियाणा के प्रथम शहीदों में गिने जाने वाले अंबाला के कांशीराम जी सैन फ्रांसिस्को में लाला हरदयाल के साथ मिलकर गदर पार्टी स्थापित करने वालों में से एक थे। भारत लौटने के लगभग एक वर्ष बाद ब्रिटिश सरकार ने 1915 के इसी नवंबर माह में उनको फाँसी दे दी थी। 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में शहरों के साथ ही यहाँ के ग्रामीण क्षेत्रों ने भी बढ़-चढ़ कर सहभागिता की थी। कम उम्र की बेटियाँ भी इन आंदोलनों में खुलकर सामने आती थीं।
इसी संदर्भ में एक तथ्य का उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि रेवाड़ी की एक 12 वर्ष की बेटी की 1930 के सविनय अवज्ञा आंदोलन में निर्भीक सहभागिता की बात रिकॉर्डों में है। नमक कानून तोडऩे के लिए इस बेटी ने अपने बचपन की पूरी बचत लगाकर नमक खरीदा।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि हरियाणा की इसी धरती पर जन्मी सुचेता कृपलानी ने भारत की प्रथम महिला मुख्यमंत्री बनकर नया इतिहास रचा। नवगठित हरियाणा राज्य की प्रथम विधानसभा अध्यक्ष के रूप में शन्नो देवी ने लोकतांत्रिक संस्थाओं में महिलाओं की अग्रणी भूमिका का उदाहरण प्रस्तुत किया।
राष्ट्रपति ने महिलाओं और वंचित वर्गों के लिए वर्तमान प्रदेश सरकार की सजगता और संवेदनशीलता के बारे में उल्लेख करते हुए कहा कि राशन डिपो के आवंटन में महिला आरक्षण, पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं को 50 प्रतिशत प्रतिनिधित्व और ट्रांसजेंडरों के लिए कल्याण बोर्ड का गठन जैसी पहलें बड़े उदाहरण हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि उपयुक्त प्रोत्साहन मिलने के कारण प्रदेश की बेटियों ने अनेक खेलों में अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश का नाम रोशन किया है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा की धरती ने हर क्षेत्र में प्रतिभाओं को जन्म दिया है। प्रदेश के अनेक प्रतिभाशाली व्यक्तियों को पद्म सम्मान प्रदान करने का मुझे अवसर प्राप्त हुआ है। इसमें साहित्य, लोककला, समाज सेवा और शिक्षा के साथ-साथ खेल, पैरा तीरंदाजी और विज्ञान क्षेत्रों से जुड़े लोग हैं। प्रतिभा और शौर्य से यह प्रदेश सदा समृद्ध रहा है। स्वतंत्रता आंदोलन में आहुति देने वाली संतानों की जननी इस वीरभूमि ने देश की सीमाओं की रक्षा के लिए भी सदैव बढ़-चढक़र योगदान किया है। देश की सेना को लगातार समर्पित और साहसी सैनिक देने की परंपरा यहाँ आज भी जीवंत है।
उन्होंने कहा कि अपनी स्थापना के उद्देश्यों को प्राप्त करने की दिशा में आज हरियाणा तेजी से आगे बढ़ रहा है। केन्द्र सरकार के समन्वय से राज्य के विकास को नयी दिशा मिल रही है। हाल ही में जींद-सोनीपत के बीच हाइड्रोजन ईंधन से चलने वाली ट्रेन शुरू की गयी है। हाइड्रोजन से चलने वाली यह देश की पहली ट्रेन है।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा