घर पर कैसे बनाएं Eco-Friendly Ganpati? आसान DIY तरीके 

गणेश चतुर्थी आते ही घर में बप्पा के स्वागत की तैयारियां शुरू हो जाती हैं. कई लोग बाजार से गणेश जी की मूर्ति खरीदते हैं, लेकिन कुछ लोग अपने हाथों से बप्पा को बनाने का आनंद लेना पसंद करते हैं. अगर, आप भी घर पर गणेश जी की मूर्ति बनाना चाहते हैं तो घर में पड़े छोटे-छोटे बर्तन जैसे चाकू, प्लेट, चम्मच, छुरी, इन्हीं सब की हेल्प से आसान तरीके से गणेश जी की मूर्ति बना सकते हैं. चलिए आपको बताते हैं घर में मौजूद बर्तनों की मदद से बेहद खूबसूरत गणेश जी की मूर्ति कैसे बनाएं.

 

गणेश चतुर्थी आते ही घर में बप्पा के स्वागत की तैयारियां शुरू हो जाती हैं. कई लोग बाजार से गणेश जी की मूर्ति खरीदते हैं, लेकिन कुछ लोग अपने हाथों से बप्पा को बनाने का आनंद लेना पसंद करते हैं. अगर, आप भी घर पर गणेश जी की मूर्ति बनाना चाहते हैं तो घर में पड़े छोटे-छोटे बर्तन जैसे चाकू, प्लेट, चम्मच, छुरी, इन्हीं सब की हेल्प से आसान तरीके से गणेश जी की मूर्ति बना सकते हैं. चलिए आपको बताते हैं घर में मौजूद बर्तनों की मदद से बेहद खूबसूरत गणेश जी की मूर्ति कैसे बनाएं.

घर पर गणपति बनाने के लिए चीजें

चिकनी मिट्टी या नदी की मिट्टी
पानी और थोड़ा सा नारियल का तेल
टूथपिक या माचिस की तीली (जोड़ों को मजबूत रखने के लिए)
सजावट के लिए साबूदाना, चावल, हल्दी या प्राकृतिक रंग
घर के बर्तन जैसे- चाकू, प्लेट, चम्मच और छुरी
घर की चीजों से तैयार हुई गणेश मूर्ति

आनंद आर्ट एंड क्राफ्ट स्टूडियो नाम के यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो शेयर किया गया है. वीडियो में दिखाया गया है कि रोजमर्रा के कुछ बर्तनों और आसान क्राफ्टिंग तकनीकों की मदद से गणपति बप्पा की आकृति बनाई जा सकती है. मूर्ति का आकार और डिजाइन इतना अच्छा दिखता है कि पहली नजर में यह किसी बाजार से खरीदी गई सजावटी मूर्ति जैसी लगती है.

बच्चों और परिवार के साथ कर सकते हैं यह क्रिएटिव एक्टिविटी

इसे आप अपने परिवार और बच्चों के साथ मिलकर भी कर सकते हैं. यह सिर्फ एक क्राफ्ट प्रोजेक्ट नहीं है, बल्कि पूरे परिवार को साथ लाने का एक मौका भी बन सकता है. बच्चे अपनी कल्पना शक्ति का इस्तेमाल कर सकते हैं और बड़े उन्हें नई चीजें सिखा सकते हैं. त्योहार की तैयारियों में जब पूरा परिवार शामिल होता है, तो उत्साह और भी बढ़ जाता है.

आजकल इको-फ्रेंडली गणेश मूर्तियों की मांग लगातार बढ़ रही है. घर पर बनाई गई मूर्ति न सिर्फ खास महसूस होती है, बल्कि उसमें अपनी मेहनत और भावनाएं भी जुड़ी होती हैं.