साक्ष्य-आधारित शोध एवं सहयोग से होम्योपैथी को वैश्विक स्तर पर और पहचान मिलेगीः प्रतापराव जाधव
नई दिल्ली, 10 अप्रैल (हि.स.)। विश्व होम्योपैथी दिवस पर आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव ने कहा कि भारत में शोध, शिक्षा और मजबूत नियामक व्यवस्था के जरिए होम्योपैथी को और विश्वसनीय बनाया जा रहा है। साक्ष्य-आधारित शोध और सहयोग से होम्योपैथी को वैश्विक स्तर पर और पहचान मिलेगी।
आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव शुक्रवार को विश्व होम्योपैथी दिवस पर “सस्टेनेबल हेल्थ के लिए होम्योपैथी” थीम के साथ विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर देशभर से नीति-निर्माता, डॉक्टर, शोधकर्ता और छात्र शामिल हुए।इस अवसर पर प्रतापराव जाधव ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में, भारत ने सशक्त संस्थानों और अनुसंधान निकायों के सहयोग से एक मजबूत और विस्तारित होम्योपैथी कार्यबल विकसित किया है। केन्द्रीय होम्योपैथी अनुसंधान परिषद, राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग और एनआईएच जैसे संगठन अनुसंधान, शिक्षा और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा वितरण के माध्यम से होम्योपैथी की वैज्ञानिक नींव, नियामक ढांचे और जनविश्वास को लगातार मजबूत कर रहे हैं, जिससे देश भर में सुलभ और किफायती स्वास्थ्य सेवा में महत्वपूर्ण योगदान मिल रहा है। उन्होंने उच्च गुणवत्ता वाली, रोगी-केंद्रित स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करने के लिए वैज्ञानिक अध्ययनों को बढ़ावा देने, शिक्षा के मानकों में सुधार करने और चिकित्सकों, शोधकर्ताओं और नीति निर्माताओं के बीच मजबूत समन्वय को बढ़ावा देने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने राष्ट्रीय प्राथमिकताओं और वैश्विक स्वास्थ्य लक्ष्यों के अनुरूप एक समग्र और टिकाऊ स्वास्थ्य सेवा मॉडल को बढ़ावा देने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को भी दोहराया।
इस अवसर पर आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने कहा कि सरकार आयुष क्षेत्र को मजबूत करने के लिए बुनियादी ढांचे, डिजिटल प्लेटफॉर्म और रिसर्च पर लगातार निवेश कर रही है।
उन्होंने आयुष ग्रिड और हिम्स जैसे डिजिटल प्रयासों का भी उल्लेख किया। कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि देश में होम्योपैथी अब एक मुख्यधारा की चिकित्सा प्रणाली बन चुकी है, जिसमें लाखों पंजीकृत चिकित्सक और सैकड़ों शैक्षणिक संस्थान कार्यरत हैं। इस अवसर पर कई महत्वपूर्ण प्रकाशन और पहल लॉन्च की गईं, जिनमें सीसीआरएच का नया लोगो, शोध पत्रिकाएं और एआई आधारित ज्ञान सामग्री शामिल हैं। इसके अलावा, आयुष ग्रिड पर सर्टिफिकेशन कोर्स और हिंदी शब्दकोश वेबसाइट भी शुरू की गई।
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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी