अमित शाह 14 सितंबर को मुंबई में हिंदी दिवस और छठे अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन का करेंगे उद्घाटन

 


नई दिल्ली, 13 सितंबर (हि.स.)। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह सोमवार को मुंबई में हिंदी दिवस और छठे अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करेंगे। दो दिवसीय सम्मेलन में राजभाषा हिंदी के विकास, भारतीय भाषाओं के साथ समन्वय, भाषा और तकनीक, अनुवाद तथा हिंदी के व्यापक प्रसार से जुड़े विषयों पर चर्चा होगी। उद्घाटन सत्र में वर्ष 2025-26 के ‘राजभाषा गौरव’ और ‘राजभाषा कीर्ति’ पुरस्कार भी प्रदान किए जाएंगे।

केंद्रीय गृह मंत्रालय के अनुसार, मंत्रालय का राजभाषा विभाग वर्ष 2021 से हर साल अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन आयोजित कर रहा है। वाराणसी से शुरू हुई यह यात्रा सूरत, पुणे, नई दिल्ली और गांधीनगर के बाद इस वर्ष महाराष्ट्र पहुंची है। सम्मेलन में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री, दोनों उपमुख्यमंत्री, सांसदों, विद्वानों, साहित्यकारों, शिक्षाविदों और केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों एवं विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे।

सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में राजभाषा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य और उल्लेखनीय योगदान के लिए संस्थानों और व्यक्तियों को वर्ष 2025-26 के ‘राजभाषा गौरव’ और ‘राजभाषा कीर्ति’ पुरस्कार दिए जाएंगे।

सम्मेलन में कई पुस्तकों और प्रकाशनों का लोकार्पण भी होगा। इनमें राष्ट्रीय गीत ‘वन्दे मातरम्’ पर केंद्रित राजभाषा विभाग की पत्रिका ‘राजभाषा भारती’ की विशेष स्मारिका, ‘भारतीय ज्ञानतंत्र : स्रोत और स्वरूप’, ‘शिव अनादि हैं, अनंत हैं’ और जेल के कैदियों की रचनाओं का संकलन ‘अँधेरों से उजालों तक’ प्रमुख हैं।

सम्मेलन का प्रमुख आकर्षण ‘वन्दे मातरम्’ पर विशेष विचार सत्र होगा। इसमें पार्श्वगायक हरिहरन, वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक नीलेश मिश्रा और ‘वन्दे मातरम्’ पर अध्ययन कर रहे अखिलेश मिश्रा भाग लेंगे। इसके अलावा शोधकर्ता मिलिंद प्रभाकर सबनीस राष्ट्रीय गीत के ऐतिहासिक, साहित्यिक और सांस्कृतिक पक्षों पर चर्चा करेंगे। ‘वन्दे मातरम्’ के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की पांचवीं पीढ़ी के वंशज जॉयदीप चट्टोपाध्याय भी कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे।

सम्मेलन में नगर राजभाषा कार्यान्वयन समितियों की भूमिका पर भी विशेष सत्र होगा। इसमें राजभाषा हिंदी के कार्यान्वयन में इन समितियों के काम और उपलब्धियों पर चर्चा की जाएगी तथा उत्कृष्ट कार्य करने वाली समितियों को सम्मानित किया जाएगा।

15 सितंबर को सम्मेलन के दूसरे दिन गीतकार और लेखक मनोज मुंतशिर विशेष सत्र में शामिल होंगे। इसके बाद महाराष्ट्र सरकार की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें राज्य की सांस्कृतिक और कलात्मक परंपराओं की प्रस्तुति होगी।

सम्मेलन स्थल पर आयोजित प्रदर्शनी में विभिन्न संस्थाओं, संगठनों, बैंकों और मंत्रालयों के कुल 32 स्टॉल लगाए जाएंगे। इनमें हिंदी और भारतीय भाषाओं से संबंधित कार्यों, प्रकाशनों, पहलों और उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाएगा।

दो दिवसीय सम्मेलन में हिंदी को राजभाषा, जनभाषा और संपर्क भाषा के रूप में विकसित करने के साथ भारतीय भाषाओं के साथ उसके समन्वय, तकनीक और भाषा, अनुवाद, साहित्य तथा हिंदी के प्रसार जैसे विषयों पर विचार-विमर्श होगा। संविधान के अनुच्छेद 343 में संघ की राजभाषा हिंदी और लिपि देवनागरी निर्धारित है, जबकि अनुच्छेद 351 में हिंदी के प्रसार, विकास और समृद्धि का दायित्व संघ पर रखा गया है। सम्मेलन इसी संवैधानिक दायित्व के साथ हिंदी और अन्य भारतीय भाषाओं के बीच संवाद और साझेदारी को मजबूत करने पर जोर देगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर