विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करने में युवाओं की बड़ी भूमिकाः हर्ष मल्होत्रा

 


नई दिल्ली, 10 जनवरी (हि.स.)। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्यमंत्री हर्ष मल्होत्रा ने शनिवार को कहा कि भारत के युवाओं की भूमिका राष्ट्र निर्माण में निर्णायक है और 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में उनकी ऊर्जा और नेतृत्व सबसे बड़ी ताकत है।

विकसित भारत युवा संवाद में भाग लेने वाले युवाओं को संबोधित करते हुए मल्होत्रा ने उन सभी युवाओं की सराहना की जो समाज उत्थान, सामाजिक मुद्दों पर आवाज उठाने, विकास प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने और सकारात्मक बदलाव लाने में सक्रिय हैं। उन्होंने कहा कि यह संवाद केवल एक उत्सव मंच नहीं बल्कि रचनात्मक मंच है, जहां युवा राष्ट्रीय नीतियों और प्राथमिकताओं को आकार देने में सार्थक भागीदारी कर सकते हैं।

मल्होत्रा ने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के युवाओं की परिवर्तनकारी शक्ति में गहरे विश्वास को दर्शाती है। प्रधानमंत्री ने बार-बार कहा है कि अमृतकाल में भारत का भविष्य युवा तय करेंगे। एक लाख ऐसे युवा, जिनके परिवार की कोई राजनीतिक पृष्ठभूमि नहीं है, सार्वजनिक जीवन में आएं ताकि लोकतंत्र और मजबूत हो। उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 एक महत्वाकांक्षी और समावेशी दृष्टि है, जिसमें आर्थिक समृद्धि, सामाजिक प्रगति, पर्यावरणीय स्थिरता और सुशासन शामिल हैं। युवा, गरीब, महिलाएं और किसान इस दृष्टि की रीढ़ हैं।

उन्होंने कहा कि दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत युवा भारत में रहते हैं। यह भारत को आर्थिक विकास, नवाचार और सामाजिक परिवर्तन में अभूतपूर्व क्षमता देता है। युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल और रोजगार से सशक्त बनाना राष्ट्रीय प्राथमिकता है। रोजगार मेले, पीएम विश्वकर्मा, आईटीआई अपग्रेडेशन, रोजगार-लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम और प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना जैसी पहलें युवाओं की आकांक्षाओं और अवसरों के बीच की खाई को पाट रही हैं। पिछले डेढ़ साल में सरकार ने लगभग 11 लाख स्थायी नौकरियां दी हैं।

उन्होंने कहा कि भारत में दो लाख से अधिक स्टार्टअप हैं, जिससे देश-दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन गया है। इन स्टार्टअप्स ने 20 लाख से अधिक नौकरियां पैदा की हैं और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बायोटेक्नोलॉजी, फिनटेक और ग्रीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों में नवाचार को बढ़ावा दिया है।

केंद्रीय मंत्री मल्होत्रा ने कहा कि 2016–17 से 2022–23 के बीच रोजगार में 36 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। चार श्रम संहिताओं के जरिए बड़े श्रम सुधार लागू किए गए और सामाजिक सुरक्षा कवरेज बढ़कर 64.3 प्रतिशत हो गया है, जिससे भारत वैश्विक स्तर पर दूसरे स्थान पर है। वर्ष 2017–18 से 2023–24 के बीच कुल रोजगार 47.5 करोड़ से बढ़कर 64.33 करोड़ हो गया है।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत युवा संवाद अब एक राष्ट्रीय आंदोलन बन चुका है, जो युवाओं को शासन और नीति चर्चाओं से जोड़ता है। प्रधानमंत्री के जन भागीदारी दृष्टिकोण के अनुरूप यह पहल युवाओं को विचार देने, समाधान बनाने और भारत के विकास यात्रा की जिम्मेदारी लेने के लिए प्रोत्साहित करती है।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर