देश में विमानन क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए डीजीसीए ने गति शक्ति विश्वविद्यालय से किया समझौता, कामगारों को मिलेगा बेहतर और तेज प्रशिक्षण
नई दिल्ली, 30 मार्च (हि.स.)। देश में विमानन क्षेत्र के लिए प्रशिक्षित लोग तैयार करने और तेजी से बढ़ते रख-रखाव, मरम्मत और ओवरहॉल (एमआरओ) क्षेत्र को मजबूती देने के लिए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने रेलवे मंत्रालय के गतिशक्ति विश्वविद्यालय (जीएसवी) से समझौता किया है। इससे विमानन क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को बेहतर और तेज गति से प्रशिक्षण मिल सकेगा।
रेलवे मंत्रालय ने बताया कि सोमवार को यहां रेल भवन में समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हुए हस्ताक्षर के दौरान केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के राम मोहन नायडू, रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष सतीश कुमार और नागरिक उड्डयन सचिव समीर कुमार सिन्हा मौजूद रहे।
समझौते के तहत तीन वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम तैयार किया जाएगा, जिसमें विमान रखरखाव इंजीनियरिंग शिक्षा को मानकीकृत करने, गुणवत्ता मानकों को बढ़ाने और उद्योग से जुड़े कौशलों को शामिल करने पर जोर दिया जाएगा। इसका लक्ष्य युवाओं को भविष्य के अनुरूप प्रशिक्षण देकर विमानन क्षेत्र के लिए उच्च प्रशिक्षित कार्यबल तैयार करना है।
केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस अवसर पर जीएसवी में विनिर्माण प्रौद्योगिकियों पर केंद्रित एक उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि विमानन, रेलवे और समुद्री क्षेत्रों में उच्च स्तर की तकनीकी सटीकता की आवश्यकता होती है और ऐसे पाठ्यक्रम छात्रों को स्नातक होते ही रोजगार के लिए तैयार करते हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस पहल से हर साल कम से कम 1,000 छात्र लाभान्वित होंगे।
नागरिक उड्डयन मंत्री के राम मोहन नायडू ने कहा कि भारत का विमानन क्षेत्र आज देश का सबसे प्रगतिशील क्षेत्र है, जो सालाना 10-12 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है। हवाई अड्डों, यात्रियों और विमानों की संख्या में तेजी से वृद्धि के चलते वैश्विक मानकों के अनुरूप प्रशिक्षित कार्यबल की आवश्यकता है।
मंत्रालय ने बताया कि जीएसवी इससे पहले एयरबस, सफरान और जीएमआर स्कूल ऑफ एविएशन जैसे प्रमुख संस्थानों के साथ सहयोग कर चुका है। विश्वविद्यालय ईएनएसी फ्रांस और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के साथ भी साझेदारी की प्रक्रिया में है। इस समझौते के तहत जीएसवी और डीजीसीए सतत विमानन ईंधन जैसे उभरते क्षेत्रों में अनुसंधान सहयोग करेंगे और डीजीसीए कर्मियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित करेंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर