‘मन की बात’ में गोडावण संरक्षण की सराहना, जैसलमेर बना सफल मॉडल

 


जैसलमेर, 26 अप्रैल (हि.स.)। नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 133वें एपिसोड में जैसलमेर में गोडावण (ग्रेट इंडियन बस्टर्ड) संरक्षण के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि एक समय यह दुर्लभ पक्षी लुप्त होने की कगार पर पहुंच गया था, लेकिन अब संरक्षण अभियानों से सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।

रेगिस्तानी क्षेत्रों की पहचान रहे गोडावण के लिए डेजर्ट नेशनल पार्क अब सुरक्षित आशियाना बन गया है। यहां वैज्ञानिकों और वन विभाग की टीम आधुनिक तकनीकों के माध्यम से इसकी संख्या बढ़ाने में जुटी है।

डीएफओ बृजमोहन गुप्ता ने बताया कि पहली बार आर्टिफिशियल इनसेमिनेशन (एआई) तकनीक से गोडावण के प्रजनन में सफलता मिली है। फीमेल ‘जेरी’ और मेल ‘पर्व’ के माध्यम से इस तकनीक से चूजे का जन्म होना संरक्षण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि गोडावण की प्राकृतिक प्रजनन दर धीमी होती है, लेकिन एआई तकनीक से अंडों के सफल फर्टिलाइजेशन की संभावना कई गुना बढ़ गई है।

वन विभाग के अनुसार वर्ष 2026 में गोडावण की संख्या बढ़कर करीब 200 तक पहुंच गई है, जो देश के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। सुदासरी और रामदेवरा में संचालित ब्रीडिंग सेंटर अब वैश्विक स्तर पर एक सफल मॉडल के रूप में उभर रहे हैं। उन्होंने बताया कि अगला लक्ष्य ‘सॉफ्ट रिलीज’ है, जिसके तहत ब्रीडिंग सेंटर में जन्मे पक्षियों को धीरे-धीरे प्राकृतिक वातावरण में छोड़ा जाएगा, ताकि वे जंगल में खुद को अनुकूलित कर सकें। इसके साथ ही बिजली लाइनों पर बर्ड डायवर्टर लगाने जैसे उपायों से वाइल्ड में गोडावण की मृत्यु दर में भी कमी आई है। गोडावण संरक्षण के लिए केंद्र और राज्य सरकार द्वारा वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के सहयोग से ‘प्रोजेक्ट गोडावण’ संचालित किया जा रहा है, जिसके तहत सुदासरी (2019) और रामदेवरा (2022) में ब्रीडिंग सेंटर स्थापित किए गए हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित